मुख्यालय के रमेड़ी स्थित निरंकारी सत्संग भवन में महात्मा राजीव कुमार की अध्यक्षता में भक्ति पर्व एवं क्षमा याचना दिवस मनाया गया। संगत को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि जब प्रेम जागता है तभी भक्ति की शुरूआत होती है।
इस मिशन में प्रेम ही तो जागृत किया जाता है। प्रेम जागने से ही हम अपने जीवन को सही दिशा में लगा सकते है और दूसरों के काम आ सकते है। उन्होंने कहा कि एक न एक दिन तो मृत्यु आनी है, तो क्यों न हम इस मालिक को जान लें और इससे जुड़ जाकर अपने जीवन को सार्थक बना लें।
वर्ना मानव योनि पाकर भी हम दानव वाले काम करते रहे तो उससे न अपना भला होगा और ना ही हम दूसरे का भला कर सकेंगे। इस दौरान गुरू प्रसाद, नीरज, देवी गुलाम, लालाराम विश्वकर्मा, छोटेलाल, मंगेशलता खरे, सुरेश कुमार, रचना, सरिता, मातारानी आदि मौजूद रहे। उधर कुछेछा स्थित संत निरंकारी आश्रम में सेवादल का प्रशिक्षण कार्यक्रम संचालक रामप्रकाश के सानिध्य में हुआ।