कानपुर-सागर हाइवे स्थित चंदौखी मोड़ के पास शनिवार की रात दो डंफरों की भिड़ंत में चालक और खलासी की मौत हो गई। भिड़ंत इतनी तेज थी कि दोनों डंफरों के परखचे उड़ गए। उनके केबिन बाडी से हटकर दूर जा गिरे। चालक व खलासी केबिन में फंस गए।
कोतवाली पुलिस ने क्रेन की मदद से केबिन में फंसे दोनों लोगों को बाहर निकालकर प्राइवेट वाहन से जिला अस्पताल भेजा लेकिन दोनों ने रास्ते में ही दम तोड़ दिया।
कानपुर नगर के सजेती थानाक्षेत्र के शहबाजपुर गांव निवासी चालक नंदलाल (45) पुत्र गजराज शनिवार की रात करीब 12:30 बजे डंफर में मौरंग लादकर कानपुर की ओर जा रहा था। इसी बीच कोतवाली के चंदूपुर गांव निवासी खलासी वीरेंद्र सिंह (30) पुत्र शिवप्रसाद चालक के स्थान पर खुद डंफर लेकर गिट्टी लेने कबरई (महोबा) जा रहा था।
चंदौखी मोड़ के पास दोनों अनियंत्रित वाहनों की आमने-सामने भीषण टक्कर हो गई। कोतवाल पीके यादव व कुछेछा चौकी प्रभारी आरडी यादव मौके पर पहुंचे। उन्होंने क्रेन की मदद से वाहनों के केबिन में फंसे दोनों घायलों को बाहर निकाला।
कोतवाल ने बताया कि प्राइवेट वाहन से दोनों घायलों को जिला अस्पताल ले जाया जा रहा था कि रास्ते में दोनों की मौत हो गई। उन्होंने बताया कि एक डंफर के क्लीनर व दूसरे डंफर के चालक ने खिड़की से कूदकर जान बचाई। कोतवाली पुलिस ने रविवार को दोनों शवों का पोस्टमार्टम कराया। यहां परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल था।