एआईबीईए के आह्वान पर बुधवार को हुई हड़ताल से भारतीय
स्टेट बैंक के कर्मचारियों को छोड़कर सभी बैंकों के कर्मचारी हड़ताल पर
रहे। कर्मचारियाें के हड़ताल पर चले जाने से बैंकों में काम ठप रहा।
हड़ताल
से करोड़ों रुपयों का लेनदेन प्रभावित रहा। वहीं, हड़ताल के चलते रोडवेज
की सेवाएं चार घंटे ठप रहीं। यात्री वाहनों के इंतजार में घंटों भटके। बाद
में रोडवेज बसों का संचालन फिर शुरू किया गया।
एआईबीईए के आह्वान पर
कर्मचारियों ने हड़ताल शुरू कर दी। सुबह रोडवेज कर्मचारी संयुक्त परिषद के
कामगारों ने हड़ताल के बाद बसों का संचालन बंद कर दिया, जिससे राठ से
कानपुर, झांसी, दिल्ली, बनारस, महोबा, उरई की ओर जाने वाली बसों का संचालन
ठप रहा।
करीब आठ बजे जब परिषद के कर्मचारियों को जानकारी हुई कि उनके संगठन
से संबंधित हड़ताल नहीं है तो कर्मचारियों ने हड़ताल खत्म कर बसों का
संचालन शुरू कर दिया।
रोडवेज कर्मचारी संयुक्त परिषद के शाखा मंत्री विजय
नारायन विश्वकर्मा ने बताया कि जानकारी के अभाव में कर्मचारियों की हड़ताल
हो गई थी।
सुबह चार बजे से आठ बजे तक बसों का संचालन ठप रहने से रोडवेज को
हजारों रुपयों के राजस्व का नुकसान हुआ। सुबह के समय झांसी, कानपुर, बांदा,
उरई की ओर जाने वाले यात्रियों को परेशानी हुई।
वहीं, पंजाब नेशनल बैंक,
सेंट्रल बैंक आफ इंडिया, इलाहाबाद बैंक, बैंक ऑफ बड़ौदा सहित निजी बैंकों
में काम करने वाले कर्मचारी हड़ताल पर रहे।
बैंकों का कामकाज पूरी तरह
ठप रहा। पंजाब नेशनल बैंक के शाखा प्रबंधक जीएन अनुरागी ने बताया कि
कर्मचारियों द्वारा कामकाज ठप किए जाने से सभी बैंकों का करीब 10 करोड़
रुपये का नुकसान हुआ है।
हालांकि एसबीआई बैंक में कामकाज होता रहा। वहीं,
भारतीय जीवन बीमा निगम में एआईआईईए के सदस्यों ने वेतन पुनर्निर्धारण पेंशन
विकल्प न्यूनतम वेतनमान को लेकर हड़ताल पर रहे।