हमीरपुर। बाइक सवार नकाबपोश दो बदमाश विवेक नगर निवासी कलक्ट्रेट के कनिष्ठ लिपिक के चार वर्षीय बच्चे का अपहरण कर ले गए। पिता के मोबाइल पर 50 लाख की फिरौती मांगी गई। पुलिस ने सीसीटीवी कैमरों के फुटेज खंगाले। कड़ी नाकेबंदी व लोकेशन के आधार पर पुलिस की चेकिंग से घबराकर बदमाश ने बच्चे का गला रेतकर घायल अवस्था में बांदा के जसपुरा थानाक्षेत्र के नवीन गल्ला मंडी के पास फेंक गए। उसके सात टांकें लगे हैं। आईजी एसके भगत ने जिला अस्पताल पहुंचकर बच्चे का हालचाल लिया।
प्रभात तिवारी ने बताया कि वह कलक्ट्रेट में अभिलेखागार फौजदारी (सीआरके) के हैं। सोमवार को सुबह 11:55 बजे बाइक सवार दो बदमाश घर पर आए। दरवाजा खटखटाने पर कमरे में खेल रहे चार वर्षीय बेटे वैभव दरवाजा खोल दिया। बदमाश उसे पकड़कर बाइक पर बैठाकर भाग निकले। पड़ोसी राघवेंद्र को अपहरण का शक हुआ। उन्होंने पुलिस को जानकारी दी। 10 मिनट बाद उनके फोन पर एक कॉल आई। इसमें अपहरण कर्ताओं ने उनसे 50 लाख फिरौती मांगी और फोन काट दिया।
पुलिस ने उस नंबर की लोकेशन ट्रेस की तो सुमेरपुर मिली। दोबारा फोन करने पर बंद आ रहा था। शहर के साथ आसपास के थानों की सक्रिय पुलिस ने बदमाशों की नाकेबंदी की। हर चौराहे पर बाइक चेकिंग के साथ अन्य जनपदों की पुलिस की सक्रियता देख बदमाश बच्चे के गले व पीठ में धारदार हथियार से वार कर घायल करने के बाद बांदा के जसपुरा थाने के पास फेंक कर भाग निकले। बांदा पुलिस ने बच्चे को कब्जे में लेकर जिले की पुलिस को सूचना दी। प्रभात तिवारी ने बताया कि उनकी किसी से कोई दुश्मनी नहीं है। यह उनका इकलौता बेटा है। पुलिस की सक्रियता से उनके बच्चे की जान बच गई।
नवनियुक्ति एसपी शुभम पटेल की रणनीति के चलते बच्चे की जान बच गई। एसपी ने बताया कि अपहरणकर्ताओं को जल्द गिरफ्तार करने के लिए छह टीमें लगाईं थी। जनपद की सभी सीमाओं पर सघन चेकिंग शुरू करा दी। इससे घबराकर बदमाश गला रेत कर उसे मरणासन्न हालत में फेंककर फरार हो गए। नवीन गल्ला मंडी के पास साइकिल से आ रहे दो किशोरों ने बच्चे को तड़पता देख पुलिस को सूचना दी। पुलिस ने उसे अस्पताल पहुंचाया।
अपहरण के तीन घंटे बाद पुलिस ने वैभव को खोज निकाला है। बदमाशों ने सुबह 11 बजकर 55 मिनट पर बच्चे को घर से उठाया। विद्यामंदिर इंटर कालेज होते हुए बेतवा पुल से बांदा जनपद की ओर भागे, लेकिन पुलिस की नाकाबंदी के चलते अपहरण कर्ता अपहरण करने में सफल नहीं हो सके। तीन घंटे बाद मासूम को पुलिस ने उसके परिजनों को सौंप दिया।
कलक्ट्रेट कर्मी के पास बीएसएनएल और जीओ का सिम है। फिरौती की कॉल करने वाले बदमाशों ने उनके नए खरीदे गए जिओ नंबर पर कॉल कर फिरौती में 50 लाख मांगे। इसलिए अपहरण में किसी करीबी का हाथ होने की आशंका है।
पुलिस ने शहर में लगे विद्यामंदिर इंटर कालेज, बैंक, दुकानों, चेयरमैन के आवास, गेस्ट हाउस में लगे सीसीटीवी फुटेज खंगाले। इनसे अपहरण कर्ताओं का सुराग मिलता चला गया। एसपी ने एसटीएफ सहित छह टीमें अपहरण कर्ताओं के पीछे लगा दीं। पुलिस ने एक गेस्ट हाउस में लगे सीसीटीवी कैमरों को खंगालने में अपहरणकर्ताओं व उनकी बाइक नंबर भी ट्रेस कर लिए हैं। ऐसे में बदमाशों को जल्द पकड़ने में पुलिस को मदद मिल सकती है।
पुलिस कार्यालय में एसपी शुभम पटेल के साथ गोद में घायल पुत्र वैभव तिवारी को लिए पिता प्रभात तिवारी- फोटो : HAMIRPUR