मौदहा। नगर पालिका में लाखों रुपये के घोटाले का खुलासा होने को एक माह गुजर चुका है। मगर पुलिस अभी तक कार्रवाई नहीं की है। जिससे आक्रोशित सभासदों ने स्थानीय नेताओं के साथ समाधान दिवस पर शिकायत कर कार्रवाई की मांग की है। उन्होंने घोटालेबाज अध्यक्ष के वित्तीय अधिकार सीज करने की मांग की।
नगर पालिका में एक करोड़ से अधिक धन व्यय कर मुख्य मार्गों में फुटपाथ निर्माण के ठेके समेत अन्य कार्यों में गड़बड़ी की शिकायतें होने पर डीएम ज्ञानेश्वर त्रिपाठी ने तकनीकी जांच के आदेश दिए थे। जांच टीम ने कई कार्यों में भारी अनियमितताएं पाईं। मृत लोगों के नाम मकानों में दर्ज कर दिए। बड़ी संख्या में संपत्ति रजिस्टर में गड़बड़ी पाई। जांच रिपोर्ट के बाद एसडीएम राजेश चौरसिया ने 30 जून को पालिका अध्यक्ष रामकिशोर, अधिशासी अधिकारी महेंद्र चौधरी, राजेश वर्मा, ठेकेदार कमलेश वर्मा, प्रवीण दीक्षित, फरीद उर्फ पप्पू और एई निरंजन व जेई हर्षित पटेरिया के खिलाफ कोतवाली में रिपोर्ट दर्ज करा दी।
इस मामले में शनिवार को वरिष्ठ सभासद छोटे लाल प्रजापति, शिवकुमार सोनी, लवलेश शिवहरे, द्वारिका प्रसाद त्रिवेदी, महेश कुमार गुप्ता ने कहा दोषियों के खिलाफ सरकारी गबन आदि संगीन धाराओं में मुकदमा दर्ज होने के बावजूद भी अभी तक कोई कार्रवाई नहीं की गई है। लोगों ने आरोपियों को गिरफ्तार कर पालिका अध्यक्ष के वित्तीय अधिकार सीज करने की मांग की है।