मौदहा। रुक रुककर बारिश होने के बावजूद कस्बे के तीनों बड़े तालाब खाली हैं। कस्बे के ओरी तालाब में श्रमदान से खुदाई व जीर्णशीर्ण घाटों का निर्माण हुआ था। लेकिन पालिका की अनदेखी के चलते जल आने का उचित निकास नहीं बनाया गया। जिससे बारिश का पानी पूरी तरह तालाब में नहीं जा सका है। इस तालाब में कजली भी खोटी जाती रही हैं। भगवान राधा-कृष्ण का झूला भी पड़ता रहा है।
तालाब के पानी का लोग आनंद लेते रहे हैं। वहीं भूमिगत जलस्तर को सामान्य बनाए रखने में यह तालाब कारगर साबित होता रहा। यही स्थिति कस्बे के मीरा तालाब की है। इसमें भी पालिका ने एक करोड़ से अधिक की धनराशि व्यय की है। लेकिन पानी आवक का मार्ग अवरुद्ध है। जिससे तालाब सूखा पड़ा है। यही स्थिति यहां के इलाही तालाब की है। गर्मी के समय पानी की स्थिति और भी भीषण हो सकती है। (संवाद)