फोटो 23 एचएएमपी 11- जानकारी देती चंद्रकुमारी। संवाद
हमीरपुर। जिले के चुरहा गांव निवासी चंद्रकुमारी के लिए कृषि व पशुपालन आय का अहम जरिया बना है। अपने पति के साथ पुश्तैनी जमीन को संभाला तथा कृषि के साथ पशुपालन को भी आर्थिक आधार बनाया है। करीब दो वर्ष पूर्व स्वयं सहायता समूह से जुड़कर बलिनी दुग्ध कंपनी की सदस्या ली और दो भैंसे पाली। साथ ही सरकार द्वारा चलाई जा रही विभिन्न कृषि योजनाओं के साथ जुड़ते हुए आज वे सालाना लाखों की कमाई कर रही हैं।
जिले के गाेहांड ब्लॉक के चुरहा गांव निवासी चंद्रकुमारी से बातचीत की तो उन्होंने बताया कि सबसे पहले वह अपनी पुश्तैनी 10 बीघा जमीन पर पति के साथ मिलकर खेतीबाड़ी कर परिवार का भरण पोषण करती थीं। इसके बाद उसे समूह से जुड़ने का मौका मिला और वह अन्य महिलाओं के साथ बाहर आने-जाने लगीं। दो साल पूर्व उसने विभाग द्वारा बलिनी दुग्ध डेरी में सदस्यता ग्रहण कर दो भैंस भी पाल लीं, साथ ही पुश्तैनी जमीन के अलावा लीज पर एक हेक्टेयर अमरूद का बाग भी ले लिया। वर्तमान में मिश्रित खेती मक्का, गेहूं, आलू के साथ-साथ विभिन्न तरह की फसलें पैदा कर रही हैं। सालाना कृषि व पशुपालन से ढाई से तीन लाख रुपये तक की आमदनी हो जाती है।