किसानाें की विभिन्न समस्याआें और मुकदमा वापसी की मांग को लेकर भाकियू ने सोमवार को कलेक्ट्रेट में प्रदर्शन कर नारेबाजी की। एसडीएम मौदहा और किसान नेताओं के बीच वार्ता के बाद समस्याओं के निदान के लिए 15 दिन का समय मांगा गया। इसके बाद किसान शांत हो गए।
गौरतलब है कि हाईवे जाम करने के मामले में 21 जनवरी को भाकि यू जिलाध्यक्ष निरंजन सिंह राजपूत समेत कई किसान नेताओं के खिलाफ कोतवाली में मुकदमा दर्ज कराया गया था। तबसे भाकियू पदाधिकारियों का कलेक्ट्रेट में धरना-प्रदर्शन चल रहा है। सोमवार को भाकियू ने धरना प्रदर्शन किया। इसमें किसानों के कर्जे माफ करने, बर्बाद फसलों का मुआवजा दिलाने और सही सर्वे कराने के साथ मुकदमा वापसी की मांग की। सड़क जाम करने की भी चेतावनी दी।
इसे देखते हुए मौदहा एसडीएम किशोर गुप्ता, सीओ सीताराम, मौदहा सीओ उमरदराज खां, थानाध्यक्ष कुरारा, बिवांर, ललपुरा, सुमेरपुर, महिला थानाध्यक्ष और पीएसी को लगाया गया। इस बीच एसडीएम की किसान नेता निरंजन सिंह राजपूत से वार्ता हुई।
उन्होंने दो सप्ताह के भीतर मुकदमा समाप्त कराने का आश्वासन दिया। जिस पर नाराज भाकियू के पदाधिकारी मान गए और एसडीएम को ज्ञापन दिया। मौके पर महिला प्रकोष्ठ की जिलाध्यक्ष विशेखा राजपूत, रामदास सविता, बच्चा कुशवाहा, राकेश कुमार, केदार प्रसाद, स्वामी श्रीवास, रामकृपाल, राजाराम निषाद, रमेश चंद्र, कबीरुददीन, श्यामलाल, गौरीशंकर, रामप्रताप आदि मौजूद रहे।