हमीरपुर। कायाकल्प योजना के जरिए परिषदीय स्कूलों में स्मार्ट क्लास का संचालन कराया जाना है, लेकिन बिजली सबसे बड़ी बाधा है। बजट की कमी से 833 स्कूलों में बिजली बिलों का भुगतान लटका है। वहीं 143 स्कूलों में बिजली कनेक्शन नहीं है। वहीं कई स्कूलों में बिल बकाया होने से कनेक्शन काट दिए गए हैं। अब ग्राम पंचायतों में स्कूलों के बिजली का बिल जमा करने की जिम्मेदारी ग्राम प्रधान की होगी। अभी तक यह जिम्मा बेसिक शिक्षा विभाग का था।
जिले के 960 परिषदीय स्कूलों में जैसे-तैसे बिजली कनेक्शन करा दिए गए थे, लेकिन बिल जमा करने के लिए स्कूलों को कोई बजट नहीं दिया गया है। शासन ने बिल जमा करने की जिम्मेदारी बेसिक शिक्षा विभाग को दी थी, लेकिन विभाग के पास अलग से बजट न होने से इन स्कूलों पर काफी बिल बकाया हो गए। पावर कारपोरेशन के अधिकारियों ने इसके लिए बेसिक शिक्षा विभाग में खूब पत्राचार किया।
लेकिन बजट की व्यवस्था नहीं हुई। ऐसे में कई स्कूलों के कनेक्शन काट दिए गए। इधर शिक्षा निदेशक बेसिक ने अप्रैल 2018 के बाद का बिल ग्राम पंचायतों से भुगतान करने को कहा है। जबकि उससे पहले का बकाया शिक्षा विभाग चुकाएगा। नई व्यवस्थाओं के तहत अब लगातार बिलों का भुगतान होता रहेगा। इसके लिए प्रधानाध्यापक प्रधान से संपर्क कर समय-समय पर बिल जमा कराते रहेंगे।
बिजली का बिल 18.8 करोड़ है बकाया
जिले में सात कस्तूबरा बालिका आवासीय विद्यालय हैं तो 969 परिषदीय स्कूल। इनमें बिजली का बिल कुल 14 करोड़ 8 लाख 35 हजार 127 रुपये बकाया है। इनमें मार्च 2018 तक 11 करोड़ 34 लाख 18 हजार 641 रुपये की बकाएदारी है। जिसे बेसिक शिक्षा विभाग को भरना है। जबकि मार्च 2018 के बाद की बकाया धनराशि में 2 करोड़ 74 लाख 16 हजार 486 रुपये ग्राम पंचायतों को भुगतान करना होगा।
बोले, शिक्षक
प्राइमरी अंग्रेजी माध्यम स्कूल टिकरौली के प्रधानाध्यापक महेश कुमार ओमर ने कहा स्कूल में बिजली कनेक्शन है। बिजली भी आती है। लेकिन बिजली बिल कभी नहीं आया है। हमें कुछ भी मालूम नहीं कि कितना बिल बकाया है। प्राथमिक विद्यालय कारीमाटी की प्रधानाध्यापिका रमा सिंह ने बताया एक दो बार बिजली बिल मिले हैं। जिन्हें ग्राम प्रधान को दे दिए हैं। बिल भरने की जिम्मेदारी ग्राम पंचायतों की है। प्राथमिक विद्यालय चुनकी डेरा के प्रधानाध्यापक नीतिराज सिंह ने कहा दो वर्षों से कोई बिजली बिल नहीं आया है। जबकि विद्यालय में बिजली कनेक्शन है। बिजली भी आती है।
शासन स्तर से आदेश मिला है अप्रैल 2018 के बाद स्कूलों का बिजली का बिल पंचायत स्तर पर जमा कराया जाएगा। इससे पहले के बकाया बिल का भुगतान विभाग को करना है। जैसे ही बजट मुहैया होगा। स्कूलों के बकाया बिल जमा कराए जाएंगे। - सतीश कुमार, बेसिक शिक्षा अधिकारी