हमीरपुर। नदी में कूदकर आत्महत्या करने के मामले में जिला सत्र न्यायाधीश डा. अनुपम गोयल की अदालत ने दो आरोपियों की जमानत अर्जी खारिज कर दी।
जिला शासकीय अधिवक्ता राजेश शुक्ला ने बताया कि कुरारा थानाक्षेत्र के भौली गांव निवासी पीड़ित भाई कामता प्रसाद ने एक अप्रैल 2022 को पुलिस को दी तहरीर में बताया कि उसके दो छोटे भाई हैं। जिसमें प्रदीप उर्फ ज्वालादीन 29 मार्च से रात आठ बजे से लापता है। जिसका कोई सुराग नहीं मिल रहा है। बताया कि मृतक का मुनेश व उसके परिवार से ज्यादा मेल मिलाप था। भाई लापता होने के समय मुनेश के लगातार संपर्क में था। पीड़ित ने शंका जताई कि उसके भाई की जानकारी मुनेश व छुट्टन व उनके परिवार वालों को है। तहरीर के आधार पर पुलिस ने आरोपी मुनेश व छुट्टन के विरुद्ध अपहरण का मामला दर्ज किया था। वहीं दो अप्रैल को पुलिस ने गुमशुदा प्रदीप उर्फ ज्वालादीन का शव गांव के पास यमुना नदी से बरामद किया था। मृतक की मां अहिल्या देवी ने पुलिस को दिए अपने बयान में बताया कि आरोपी आरोपी शैलेंद्र, मुनेश, छोटे व राकेश ने उनके बेटे को बेइज्जत किया था। कहा कि मृतक ने उसे बताया था कि चारों आरोपी उसकी हत्या करने की धमकी दे रहे थे। मामले में अदालत ने आरोपी मुनेश, छोटे व राकेश की जमानत खारिज कर दी है।
चाकू से किया था जानलेवा हमला
हमीरपुर। जिला शासकीय अधिवक्ता राजेश शुक्ला ने बताया कि कुरारा थानाक्षेत्र के कस्बा निवासी पीड़ित भाई रज्जन ने 21 मार्च 2022 को पुलिस को तहरीर दी थी। जिसमें बताया कि 20 मार्च की शाम करीब साढ़े सात बजे अपने छोटे भाई महिपाल के दरवाजे पर बैठा था। तभी उसका पुत्र पुष्पेंद्र आया तो उसके पीछे कस्बा निवासी आरोपी अभिषेक, योगेश, सतेंद्र ललकारते हुए कहने लगे दुश्मन जा रहा है। पकड़ो बचने न पाए और पुत्र को सतेंद्र व योगेश ने पकड़ लिया और अभिषेक ने उसके पेट में चाकू घोंप दिया। बताया कि घायल पुत्र को लेकर वह सीएचसी गया और वहां से हमीरपुर जहां से हालत गंभीर होने पर उसे चिकित्सकों ने कानपुर के लिए रेफर कर दिया। जिला सत्र न्यायाधीश डा.अनुपम गोयल ने आरोपी अभिषेक कुमार की जमानत अर्जी खारिज कर दी है।