हमीरपुर। हत्या, लूट व मारपीट के मामले में निरुद्ध गैंगस्टर एक्ट जेल में बंद चार आरोपियों की जमानत अर्जी अपर एवं सत्र न्यायाधीश अरुण कुमार राय की अदालत ने खारिज कर दी है।
सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता सुशील त्रिपाठी ने बताया कि कुरारा थानाक्षेत्र के कंडौर गांव निवासी गैंग लीडर बल्लू उर्फ बीर सिंह केवट का एक संगठित गिरोह है। राम औतार निषाद, सुखलाल निषाद, संता उर्फ संदीप, मंगल निषाद गिरोह के सक्रिय सदस्य हैं।
सरगना बल्लू गैंग के सदस्यों के आर्थिक एवं भौतिक लाभ के लिए अर्जुन सिंह उर्फ लल्ला से 40 हजार रुपये लिए थे। मांगने पर पैसे नहीं दिए। सात फरवरी 2020 को पैसे देने के बहाने घर बुलाया और साथियों के साथ उसकी हत्या करके शव को छिपा दिया था। सभी के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज कर जेल भेजा था। सरगना बल्लू जेल में निरुद्ध है, अन्य जमानत पर छूट गए थे।
गिरोहबंद एवं समाज विरोधी क्रियाकलाप के कारण डीएम ने जमानत पर बाहर आए आरोपियों के विरुद्ध गैंगस्टर एक्ट के तहत कार्रवाई की थी। जिनको पुलिस ने गिरफ्तार कर जेल भेजा था। आरोपी राम औतार निषाद, सुखलाल व मंगल निषाद ने कोर्ट में जमानत अर्जी दाखिल की थी।
सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता ने बताया कि चिकासी के इछौरा निवासी रामबरन उर्फ बगदादी, देव सिंह, कपिल, इंद्रपाल व मझगवां थानाक्षेत्र के टोलारावत गांव निवासी नरेंद्र, राघवेंद्र, प्रदीप राजपूत, देवकी नंदन राजपूत, रामजी का भी संगठित अपराधिक गिरोह है। गैंग के मुखिया रामबरन के आपराधिक कृत्यों से आम जनता आतंकित व भयभीत रहती है। जिनके विरुद्ध गिरोहबंद एवं समाज विरोधी क्रिया कलाप के कई मुकदमे पंजीकृत हैं। बताया कि गैंग के सदस्य नरेंद्र की डाली गई जमानत अर्जी कोर्ट ने खारिज कर दी है।