मुस्करा। पहाड़ी गांव में मेला देखन आए युवक की अचानक तबियत बिगड़ गई। प्राइवेट इलाज के बाद सीएचसी ले गए। जहां उपचार के दौरान मौत हो गई। परिजनों ने झोलाछाप पर गलत इंजेक्शन लगाने से हालत बिगड़ने का आरोप लगाया है। सीएमओ ने मामले की जांच के लिए एक नोडल टीम का गठन किया है।
पहाड़ी निवासी चंद्रप्रकाश कुशवाहा ने बताया कि उनका भांजा पुष्पेंद्र (20) निवासी कस्बा राठ मंगलवार को गांव में मेला देखने आया था। रात में उसे बुखार आ गया। हालत बिगड़ती देख गांव के एक झोला के पास ले गए। चंद्र प्रकाश का आरोप है कि झोलाछाप ने जैसे ही पुष्पेंद्र को एक इंजेक्शन लगाया उसकी हालत और बिगड़ गई और वह बेहोश हो गया। बेहोशी की हालत में उसे सीएचसी लाए। जहां उसकी मौत हो गई। मृतक के मामा जितेंद्र कुशवाहा ने बताया कि पुष्पेंद्र अपने मां बाप का अकेला पुत्र था, पिता कई साल से बीमार चल रहे हैं। उसकी दो छोटी बहनें हैं। परिवार का खर्च वही चला रहा था। सूचना पर पहुंचे परिजन शव राठ ले गए हैं।
नगर के छोटी जुलहटी निवासी मृतक छात्र पुष्पेंद्र के चाचा इंद्रजीत ने बताया कि मृतक मुस्करा थाने के पहाड़ी गांव में अपने ननिहाल गया था। संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हुई है। मृतक 12वीं कक्षा के छात्र थे। परिजनों ने शव का पोस्टमार्टम नहीं कराया है।
सीएमओ डा. एके रावत ने कहा कि झोलाछाप के इलाज से मौत पर एक नोडल टीम भेज रहे हैं जो मुस्करा एमओआईसी के साथ मिलकर मामले की जांच करेगी। इसी के बाद कार्रवाई की जाएगी।