हमीरपुर। आंगनबाड़ी कार्यकर्ता अब ग्रामीणों की सेहत पर नजर रखेंगी। उन्हें पांच अतिरिक्त जिम्मेदारियां निभानी होगी।
बाल विकास सेवा एवं पुष्टाहार विभाग के जिला कार्यक्रम अधिकारी शैलेंद्र प्रताप सिंह ने बताया कि नवजात शिशु, अति कुपोषित बच्चों, सैम या मैम बच्चों और गर्भवती के आपदा में संक्रमित होने की आशंकाएं अधिक होती हैं। इसलिए उनका विशेष तौर पर ध्यान रखना आवश्यक है। ऐसे परिवारों से संपर्क करते समय आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को मास्क पहनना है। अनुपूरक आहार, परामर्श सेवाएं वृद्धि निगरानी, आयरन की गोलियों का वितरण आवश्यक सेवाएं हैं जो घर-घर जाकर करनी है। इसकी सूचना उन्हें स्वास्थ्य विभाग को तत्काल देनी है।
गर्भावस्था में ऐसे रखें ख्याल
डीपीओ ने बताया कि पहले तीन महीने में गर्भवती को गर्भावस्था में शीघ्र पंजीकरण, गर्भावस्था व धात्री महिलाओं की अवस्था में उचित खानपान जैसे नींबू संतरा, गाजर, ज्वार, बाजरा और दूध आदि के सेवन की सलाह दिया जाना जरूरी है। गर्भावस्था के दौरान कम से कम 180 आयरन की गोलियां और 360 कैल्शियम की गोलियां लेनी हैं। प्रसव के बाद मां का दूध नवजात को अवश्य पिलाएं।