फोटो 02 एचएएमपी 20- प्रतिजा फार्मर में महिला सदस्यों को प्रशिक्षित करती अध्यक्ष। स्रोत- एफपीओ।
- फोटो : विवाद के बाद सड़क पर गिरी पड़ी बाइक। स्रोत संवाद
हमीरपुर। कृषि क्षेत्र से जुड़ीं स्वयं सहायता समूह की महिलाओं की खेती की लागत कम करके उनकी आय बढ़ाई जाएगी। इसके लिए राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (एनआरएलएम) ने पांच एफपीओ (किसान उत्पादक संगठन) बनाए हैं। प्रत्येक एफपीओ में 1,000 महिलाओं को जोड़े जाने का लक्ष्य दिया गया है। अब तक विभाग ने कुल 3,733 महिलाओं को इन एफपीओ से जोड़े जाने में कामयाबी हासिल की है।
एनआरएलएम की ओर से सभी एफपीओ में कृषि कार्य करने वाली महिला किसान सदस्य जोड़ी जा रही हैं। प्रत्येक एफपीओ में कम से कम 1,000 महिला किसानों को जोड़ने का लक्ष्य रखा गया है। इन महिलाओं की ओर से सदस्यता के तौर पर जमा की जाने वाली धनराशि से (संगठन) कंपनी को बड़ा बनाया जाएगा। जिला मिशन प्रबंधक प्रशांत मिश्रा ने बताया कि महिला किसानों को सदस्य बनाकर उन्हें उचित मूल्य पर खाद, बीज, कीटनाशक व कृषि उपकरण उपलब्ध कराए जाएंगे। सदस्य महिलाएं अन्य किसानों को सामान की बिक्री करा सकेंगी। बिक्री कराने पर उन्हें कमीशन मिलेगा और अनाज की बिक्री के लिए अच्छा बाजार एफपीओ के माध्यम से उपलब्ध कराया जाएगा। खेती बढ़ने पर कंपनियां अनाज की मौके पर स्वयं खरीद करेंगी।
महिला किसानों के लिए वरदान एफपीओ
प्रतिजा फार्मर एफपीओ की अध्यक्ष कहती हैं कि यह एफपीओ एक दिन महिला किसानों के लिए वरदान साबित होगा। अब तक उनकी कंपनी में 1,015 महिलाएं जुड़ चुकी हैं। एफपीओ के माध्यम से इनको कृषि क्षेत्र से जुड़े उपकरण, बीज, दवाएं, खाद आदि उपलब्ध कराए जाएंगे। इनके अनाज की भी खरीद की जाएगी और इसके लिए उन्हें बाजार से अच्छे मूल्य मिलेंगे। इसके लिए महिलाओं को प्रशिक्षित भी किया जाता है।
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एफपीओ व इनसे जुड़ी सदस्य
एफपीओ - महिला सदस्य
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1- भुइयांरानी झलोखर - 950
2- रोटीराम बाबा सुमेरपुर - 550
3- संगिनी राठ - 480
4- प्रतिजा फार्मर मुस्करा - 1015
5- सौभाग्य समृद्धि गोहांड - 738