फोटो02एचएएमपी 13- बिवांर में बारातशाला के पास टूटा पोल। संवाद
बिवांर। बीते दिनों आई आंधी ने जिले के बिवांर क्षेत्र में भारी तबाही मचाई है। पोल टूटने और ट्रांसफार्मर गिरने से बिवांर, भरखरी, बांधुर, छेणीं, निवादा लोदीपुर, छानी, कल्ला, धनपुरा, खड़ेहीजार सहित लगभग 30 गांवों की 50 हजार से अधिक आबादी पिछले पांच दिनों से बिजली और पानी की गंभीर समस्या से जूझ रही है। ग्रामीणों का कहना है कि यदि शीघ्र विद्युत आपूर्ति बहाल नहीं की गई तो वे मजबूरन पावरहाउस का घेराव करेंगे।
बिजली विभाग के कर्मचारी लगातार बिजली सप्लाई बहाल करने के लिए जुटे हुए हैं लेकिन आंधी से हुई तबाही इतनी व्यापक है कि उनके प्रयास अब तक नाकाफी साबित हो रहे हैं। कस्बा बिवांर में जलसंस्थान, थाना और आसपास के इलाकों की बिजली सप्लाई तो चालू कर दी गई है लेकिन कस्बे का शेष हिस्सा अभी भी अंधेरे में डूबा हुआ है। बाजार से अथाई मोहल्ला, बंधी मोहल्ला, पठकाना समेत बारह मोहल्लों में बिजली के खंभे और पेड़ बुरी तरह टूट गए हैं। इन टूटे हुए खंभों और पेड़ों के कारण बिजली की सप्लाई शुरू नहीं हो पा रही है। वहीं निवादा और लोदीपुर गांवों में भी दर्जनों बिजली के खंभे अभी भी टूटे हैं, जिससे इन गांवों में भी अंधेरा पसरा हुआ है।
पेयजल संकट ने बढ़ाई मुसीबत
बिजली न होने के कारण पेयजल की समस्या और भी विकट हो गई है। निवादा गांव के भानु सिंह, अखिलेश पाठक और दीपू ने बताया कि बिजली और पानी के अभाव में लोग बेहाल हैं। इसी तरह भरखरी गांव के रमेश, कमलेश, विनोद और अध्यापक अरविंद कुमार ने बताया कि जेई से कई बार संपर्क करने के बावजूद समस्या का समाधान नहीं हुआ है।
लगभग चालीस लोगों की टीम लगातार काम कर रही है, लेकिन हर गांव में इतने पोल टूटे हैं कि एक साथ ठीक करना मुश्किल है। जिन संस्थानों को बिजली अधिक जरूरी है उन्हें पहले ठीक किया जा रहा है। धीरे-धीरे सभी जगह सप्लाई चालू की जाएगी। - अशोक कुमार, जेई
फोटो02एचएएमपी 13- बिवांर में बारातशाला के पास टूटा पोल। संवाद