आंखों के सामने फसल जलता देख डंवरपार क्षेत्र के किसानों का खून उबल पड़ा। आग बुझाने का अपनी तरफ से लोगों ने पहले भरसक प्रयास किया लेकिन स्थिति भयावह होने पर मदद की आस में सूचना पुलिस कंट्रोल रूम को दी। दो घंटे इंतजार के बाद भी किसी के मौके पर न पहुंचने से नाराज हुए लोग सड़क पर आ गए। भूसा बनाने वाली मशीन से निकली चिंगारी ने किसानों के अरमान जला डाला।
तेज पछुआ हवा के कारण अमियारी में लगी आग भयावह हो गई। एक घंटे तक किसान आग बुझाने के लिए जूझते रहे लेकिन कामयाब नहीं हुए। पूरी फसल जलकर राख होने के बाद भी मौके पर जिम्मेदार अफसरों के न पहुंचने से लोगों का आक्रोश बढ़ गया। डवरपार चौराहे पर जुटने के बाद किसानों ने मुआवजा की मांग को लेकर जाम लगा दिया। गाड़ियों में तोड़फोड़ करने के साथ ही लोगों ने अपना गुस्सा राहगीरों पर उतार दिया।
आग बुझने तक किसान हाईवे पर जमे रहे। दोपहर साढ़े तीन बजे पहुंचे एसडीएम गोला मोतीलाल सिंह ने जान बुझकर किसी के आग लगाने और केवल डंठल जलने की बात कह पीड़ित किसानों का दर्द और बढ़ा दिया। आक्रोश बढ़ने पर उन्होंने 15 दिन के भीतर सर्वे कराकर मुआवजा दिलाने का भरोसा देकर साढ़े चार बजे लोगों को सड़क से हटाया। किसानों के आक्रोशित होने के कारण स्थिति को काबू में करने के लिए बेलीपर के अलावा बांसगांव, सहजनवां, खजनी, गगहा, राजघाट एसओ के साथ ही क्यूआरटी और पीएसी बुला ली गई थी।
बटाईदारों को कैसे मिलेगा मुआवजा
भस्मा, डवरपार, पटखौली, नाउरदेऊर, गौड़सैरा, भरवल, जमौली, धनईपुर, करहल गांव के अधिकांश किसानों ने बटाई पर गेहूं बोया था। मुआवजा की राशि काश्तकार को ही मिलने की बात कह अधिकारियों से अपने लिए भी रास्ता निकालने की गुजारिश करने में लगे थे। अफसरों ने ऐसी कोई व्यवस्था न होने की बात उनकी मांग खारिज कर दिया। जिसे लेकर एक घंटे तक बहस चली।
सूचना मिलने के बाद मौके पर पहुंची मेयर
मेयर डॉक्टर सत्या पांडेय का ससुराल बेलीपार के नाउरदेऊर गांव में है। जाम लगाने के बाद ग्रामीणों ने मेयर डॉक्टर सत्या पांडेय को अपनी पीड़ा सुनाई। मौके पर पहुंची मेयर ने एसडीएम गोला से बातचीत करने के बाद किसानों को तत्काल मुआवजा दिलाने की बात कही। मेयर के पहुंचने के बाद लोगों का गुस्सा शांत हुआ।
देर शाम तक बंद रहा रोडवेज बसों का आवागमन
जाम में फंसी रोडवेज की डेढ़ दर्जन से अधिक बसों में तोड़फोड़ के बाद वाराणसी, आजमगढ़, इलाहाबाद, जौनपुर जाने वाली गाड़ियों का आवागमन बंद कर दिया गया। दोपहर तीन बजे से शाम पांच बजे तक इस रूट की बसों का संचलन बंद रहा। स्थिति सामान्य होने के बाद बसों का आवागमन शुरू हुआ।
एसएसपी के निर्देश पर वन-वे किया रास्ता
डवरपार में जाम लगने के बाद मौके पर भेजी गई फायर ब्रिग्रेड की गाड़ियां भी फंस जाने के बाद हाईवे को वन- वे कर दिया गया। बड़हलगंज की तरफ जाने वाले भारी वाहनों को नौसढ़ में रोक दिया गया। बड़हलगंज की तरफ से आने वाले वाहनाें को कौड़ीराम-बांसगांव के रास्ते शहर की तरफ भेजा गया।
शनिवार को भी किसानों ने जाम किया था हाईवे
शनिवार को बेलीपार के मेहरौली में गेहूं की फसल में आग लग गई। सूचना देने के एक घंटे बाद भी मौके पर फायर ब्रिगेड की गाड़ी न पहुंचने पर ग्रामीणों ने दोपहर 1:30 बजे गोरखपुर-वाराणसी मार्ग जाम कर दिया था। अधिकारियों के समझाने पर एक घंटे बाद लोग हटे थे। चार दिन के भीतर खेत में आग लगने की तीसरी घटना से लोग आक्रोशित थे।