जलकल कर्मचारियों की लापरवाही के चलते तीन इलाकों के लोग भीषण गर्मी में पानी के संकट से जूझ रहे हैं। सूरजकुंड के अंबेडकरनगर में 15 दिनों से 100 परिवारों को पीने का पानी नहीं मिल पा रहा है। शिकायत के बाद भी जलकल अधिकारियों ने कोई इंतजाम नहीं किया है। उधर, अधियारीबाग और हांसूपुर में तीन दिनों से जारी पानी की दिक्कत अब भी बनी हुई है।
सूरजकुंड के अंबेडकरनगर मलिन बस्ती में 100 से अधिक परिवार रहते हैं। पाइपलाइन चोक होने से यहां 15 दिन पहले जलापूर्ति बाधित हो गई थी। यह समस्या अब भी बनी हुई है। आलम यह है कि लोगों को दूसरे मोहल्ले से पानी लाना पड़ रहा है।
यहां रहने वाले सद्दाम ने बताया कि जलकल अधिकारियों से शिकायत की गई थी। लेकिन आज तक कोई कार्रवाई नहीं हुई। वहीं, नजमा ने बताया कि मोहल्ले में सात इंडिया मार्का हैंडपंप लगे हुए हैं, जिसमें से पांच खराब हैं। लोगों ने कहा कि अगर समस्या दूर नहीं हुई तो सड़क पर उतरकर प्रदर्शन के लिए मजबूर होना पड़ेगा।
हांसूपुर में संकट बरकरार, अधियारीबाग में भी दिक्कत
हांसूपुर में पेयजल संकट तीन दिनों बाद भी दूर नहीं हो सका। आलम यह है कि कर्मचारी तीसरे दिन भी बड़ा ट्यूबवेल ठीक नहीं कर सके। छोटा ट्यूबवेल ठीक तो हो गया, लेकिन बड़ा ट्यूबवेल ठीक नहीं होने से राजघाट चौराहा, तुर्कमानपुर, रामलीला मैदान, रावत पाठशाला रोड, आंशिक मेहवा मोहल्ले में पानी का संकट बना हुआ है। पार्षद आरती श्रीवास्तव ने कहा कि जलकल कर्मचारियों की कमी के चलते दिक्कत बढ़ती जा रही है। उन्होंने कहा कि जल्द समस्या ठीक नहीं हुई तो आंदोलन के लिए बाध्य होना पड़ेगा। वहीं अधियारीबाग में भी मोटर खराब होने से पीने के पानी का संकट गहरा गया है।
दिनचर्या ही प्रभावित हो गई है
तीन दिनों से पानी न आने से पूरे परिवार की दिनचर्या ही प्रभावित हो गई है। लोगों की दिक्कत की वजह से पार्षद भी इस गर्मी में इधर से उधर दौड़ रहे हैं।
- लालचंद
पानी दूसरी जगह से लाना पड़ रहा
मिनी ट्यूबवेल ठीक होने से कुछ मोहल्लों में तो पानी आ रहा है लेकिन बहुत धीरे-धीरे। इस वजह से घंटों का समय पानी भरने में ही चला जा रहा है।
- चुन्ना पांडेय
घर के काम पर असर पड़ रहा
पानी न आने से सबसे ज्यादा महिलाओं को दिक्कत का सामना करना पड़ रहा है। खाना बनाने से लेकर अन्य काम प्रभावित हो गए हैं।
- परमानंद त्रिपाठी
बिना आंदोलन नहीं होता काम
नगर निगम में किसी भी समस्या का समाधान बिना आंदोलन के नहीं होता। अधिकारी से लेकर कर्मचारी तक लोगों की अनदेखी करते हैं। उनपर हमारी समस्याओं का कोई असर नहीं है।
- अशफाक