मुख्यमंत्री की उच्च प्राथमिकताओं में से एक समाजवादी पेंशन में भी भारी वित्तीय अनियमितता उजागर हुई है। मंडल में अपात्र हजारों, लाखों नहीं बल्कि आठ करोड़ रुपये से ज्यादा की समाजवादी पेंशन डकार गए। कमिश्नर के निर्देश पर मंडल स्तरीय अफसरों के सत्यापन में इसका खुलासा हुआ। अपात्रों का सर्वे करने वाले समाज कल्याण विभाग समेत तमाम अफसरों के हाथ-पांव फूल गए हैं। अपात्रों से जहां पेंशन की रकम की वसूली की तैयारी शुरू हो गई है वहीं संबंधित अफसरों की जवाबदेही भी तय की जा रही है। अभी पांच हजार से ज्यादा पेंशन पाने वालों का सत्यापन बाकी है।
मंडल के सभी जिलों में हुए सत्यापन में 8550 पेंशनर्स अपात्र पाए गए हैं। इनमें सर्वाधिक 5484 अपात्र गोरखपुर में मिले हैं। इसी तरह कुशीनगर में 1706, महराजगंज में 1155 तथा देवरिया में 206 अपात्र पाए गए हैं। इनमें सैकड़ों ऐसे लोग हैं जो गांव-कस्बे के संपन्न हैं। कई के दरवाजे पर दो से लेकर चार पहिया गाड़ियां पाई गईं तो कई के दो मंजिला घर हैं। ये सभी अपात्र पिछले दो सालों से पेंशन की रकम खा रहे थे। यही नहीं, सत्यापन में 1157 ऐसे पेंशनर पाए गए जो मर चुके थे बावजूद इसके कागज में उनका नाम चल रहा था। बताया जा रहा है कि इनमें से कई के खाते में मरने के बाद भी पेंशन पहुंची और उनके घरवालों ने एटीएम से उसे निकाल भी लिया।
अपात्रों से वसूली और पूर्व में सत्यापन करने वालों के खिलाफ कार्रवाई के निर्देश दे दिए हैं। सभी अपात्रों से पेंशन की रकम की वसूली की जाएगी।
- पी. गुरुप्रसाद, कमिश्नर
प्रधान की मदद से ग्राम विकास अधिकारियों ने पात्रों की सूची भेजी थी। अब यह तय किया जाएगा कि इन अपात्रों का सत्यापन किसने किया था। उनके खिलाफ भी कार्रवाई होगी। अपात्रों को नोटिस भी जारी किया जाएगा। अगर वे खुद रकम नहीं जमा करेंगे तो तहसीलाें की मदद से उनसे वसूली कराई जाएगी। जरूरत पड़ने पर कुर्की भी होगी।
- आरपी सिंह, उप निदेशक समाज कल्याण