कहते हैं, पढ़ने लिखने की कोई उम्र नहीं होती। मनुष्य जब चाहें ज्ञान अर्जन कर सकता है। महराजगंज शहर के इंदिरा नगर मोहल्ले के रहने वाले सुरेश पांडे ने एलएलबी में दाखिला लिया है। कानून के प्रति उनके रूझान ने पढ़ने के लिए प्रेरित किया। शुरू से ही कानून के प्रति जानने की इच्छा रही। लेकिन नौकरी में रहने के कारण वह मन की इच्छा पूरा नहीं कर सके।
सेवानिवृत होने के बाद उन्हें पढ़ने की इच्छा हुई लेकिन घरेलू काम काज की वजह से कानून की पढ़ाई करने में बाधा आई। लेकिन उन्होंने सितंबर 2019 में निचलौल क्षेत्र के मनुलाल कॉलेज में एलएलबी में दाखिला ले लिया। इसके बाद परिजनों को जानकारी हुई।
सुरेश पांडे ने वर्ष 1967 में एमएससी एजी की पढ़ाई पूरी की थी। वर्ष 2007 में भूमि संरक्षण अधिकारी पद से कुशीनगर जिले से सेवानिवृत हुए। इसके बाद वह सामाजिक कार्यो को करने लगे। सुरेश पांडेय ने बताया कि मानवता की सेवा के लिए आत्मा की आवाज पर कानून की पढ़ाई करने के लिए मन हुआ।
नौकरी से सेवानिवृत होने के बाद कानून की पढ़ाई करने का मन हुआ। लेकिन पारिवारिक दयित्वों को पूरा करने में समय नहीं मिला। उन्होंने बताया कि कानून की पढ़ाई पूरी करने के बाद गरीबों को न्याया दिलाने का काम करूंगा। उम्र भले ही ज्यादा हो चुकी है। लेकिन मन में समाज के प्रति कुछ करने की प्रबल इच्छा है।
72 साल के सुरेश पांडे कहते हैं कि ज्ञान अर्जित करने के लिए कोई समय सीमा नहीं होती है। समाज में सभी को इस विषय पर सोचते हुए मानवता के हित के लिए कार्य करना चाहिए।
सुरेश पांडे के पुत्र दीवानी न्यायालय के अधिवक्ता विनय पांडे ने बताया कि पिता के जज्बे को देखते हुए उनका हौसला बढ़ा है। उन्होंने कहा कि उम्र के इस पड़ाव में पढ़ाई के प्रति उनकी रूची समाज को एक नई दिशा देगी।