अब इसे सरकार की नीतियों में खामी कहें या गरीबों की अनदेखी। जो चीनी परिवार के सदस्यों के अनुसार मिलती थी। वह अब जून से कार्ड के हिसाब से मिलेगी। जिला पूर्ति अधिकारी का कहना है कि उन्हें जैसा आदेश मिला है। उसके अनुसार वह वितरण कराएंगे।
खाद्य सुरक्षा अधिनियम लागू होने के बाद सरकार ने अंत्योदय को छोड़कर बाकी सभी कार्ड (एपीएल व बीपीएल कार्ड) को पात्र गृहस्थी में शामिल कर लिया है। अभी तक एपीएल वालों को चीनी नहीं मिलती थी। अब नए नियम के मुताबिक अंत्योदय के साथ ही पात्र गृहस्थी कार्ड धारकों को भी चीनी दी जाएगी।
यहां खेल यह हुआ है कि पहले एक कार्ड पर मुखिया सहित परिवार के अगर आठ सदस्य (यूनिट) दर्ज होते थे तो कार्ड के मुखिया समेत प्रत्येक सदस्य के हिसाब से 700 ग्राम चीनी दी जाती थी। मगर पहले से चली आ रही इस व्यवस्था को बंद कर दिया गया है। अब एक अंत्योदय कार्ड पर दो और पात्र गृहस्थी कार्ड पर एक किलोग्राम चीनी दी जाएगी। भले ही कार्ड में परिवार के सदस्यों की संख्या अधिक ही क्यों न हो? लोगों का कहना है कि उन्हें छला गया है। चीनी केवल कार्ड का मुखिया ही नहीं खाता है, बल्कि कार्ड में जितने सदस्य होते हैं, सभी चीनी का उपयोग करते हैं।
कार्ड धारकों में बांटने के लिए जिले को 769 मीट्रिक टन चीनी मिली है, जिसका वितरण जून में किया जाएगा। साढ़े तेरह रुपये प्रति किलोग्राम की दर से चीनी बांटी जाएगी। अगर इससे अधिक धनराशि के वसूली की शिकायत मिली तो संबंधित कोटेदारों के खिलाफ कार्रवाई भी होगी।
- कमलनयन सिंह, जिला पूर्ति अधिकारी, गोरखपुर