परिषदीय स्कूलों में मिड-डे मील को लेकर हेडमास्टरों की ओर से भेजी जाने वाली सूचना में गड़बड़ी पाई गई है। चुनाव के समय स्कूल बंद होने पर भी भोजन बनवाने की सूचना भेजी गई है। मामला पकड़ में आने पर नवंबर और दिसंबर महीने का कन्वर्जन कास्ट (तेल, मसाला व अन्य सामग्री की राशि) रोक दी गई है। विभाग ने जिले के सभी स्कूलों की जांच शुरू करा दी है।
स्कूलों में बनने वाले मिड-डे मील की रिपोर्ट हेडमास्टर भेजते हैं। एसआरवीएस प्रणाली के तहत रोजाना विद्यार्थियों की संख्या मोबाइल से मैसेज की जाती है। अधिकारी एक महीने की रिपोर्ट की समीक्षा करते हैं। जिला पंचायत और ग्राम प्रधान चुनाव के समय स्कूलों की ओर से भेजी गई मिड-डे मील की रिपोर्ट में गड़बड़ी मिली है। कुछ स्कूलों में मतदान और उसके पहले के दिन भी दोपहर का भोजन बनवाने की सूचना दी गई है जबकि उस वक्त स्कूल ही बंद था।
गड़बड़ी को देखते हुए नवंबर और दिसंबर की कन्वर्जन कास्ट रोककर जनवरी, फरवरी की कास्ट भेजी गई है।
बीएसए ओपी यादव ने बताया कि दोनों महीने का उपभोग प्रमाण पत्र खंड शिक्षाधिकारियों से लिया जा रहा है। चार ब्लॉकों की रिपोर्ट अभी नहीं आई है। रिपोर्ट के बाद कन्वर्जन कास्ट उपस्थिति के हिसाब से भेजी जाएगी और झूठी सूचना देने वालों पर कार्रवाई होगी।
कम दूध वितरण पर बीईओ को नोटिस
शासन की मंशा के अनुरूप स्कूलों में प्रत्येक बुधवार को दूध वितरण नहीं होने पर बीएसए ने सख्ती बरतनी शुरू की है। रिपोर्ट के मुताबिक 78 फीसदी स्कूलों में दूध बंटा है, जिस पर बीएसए ने खंड शिक्षाधिकारियों को नोटिस देकर स्पष्टीकरण मांगा है।