गोरखपुर में डॉ. संतलाल का पार्थिव शरीर एम्स गोरखपुर प्रबंधन को सौंपा
जीवनभर लोगों को चिकित्सा सेवा देने वाले कानपुर निवासी पूर्व चिकित्सा अधिकारी डॉ. संतलाल का पार्थिव शरीर उनकी इच्छा के अनुसार, मंगलवार को एम्स गोरखपुर को सौंप दिया गया।
युग दधीचि देहदान संस्थान कानपुर के अध्यक्ष मनोज सेंगर और उनकी पत्नी माधवी सेंगर डॉ. संतलाल का पार्थिव शरीर लेकर शाम छह बजे एम्स पहुंचे। यहां सेंगर दंपति ने औपचारिकताएं पूरी करने के बाद रजिस्ट्रार करुणेश प्रताप तथा एनाटॉमी विभाग के एडिशनल प्रोफेसर डॉ. विवेक मिश्रा को पार्थिव शरीर सौंपा।
मनोज सेंगर ने बताया कि डॉ. संतलाल वर्ष 1995 में उन्नाव में सरकारी चिकित्सा अधिकारी पद से सेवानिवृत्त हुए थे। वर्ष 2009 में वह युग दधीचि देहदान संस्थान के संपर्क में आए। इसी वर्ष उन्होंने देहदान का संकल्पपत्र भरा था। 16 दिसंबर की शाम कानपुर माल रोड स्थित आवास पर उनका निधन हो गया। उनके पुत्र डॉ. ज्ञानप्रकाश ने उन्हें सूचना दी। कागजी कार्रवाई पूर्ण होने के बाद परिवार ने पार्थिव शरीर पर पुष्प अर्पित कर विदा किया।
एम्स के छात्रों को पढ़ाई में मिलेगी मदद
मनोज सेंगर ने बताया कि पुरुष शरीर मिलने से एम्स के विद्यार्थियों को मानव शरीर रचना सहित अन्य चिकित्सा शिक्षा हासिल करने में मदद मिलेगी। रजिस्ट्रार करुणेश प्रताप ने देहदान के लिए एम्स की ओर से संस्थान के अध्यक्ष एवं महासचिव का आभार जताया।
मनोज सेंगर 2003 से चला रहे हैं संस्थान
कानपुर निवासी मनोज सेंगर तथा महासचिव माधवी सेंगर वर्ष 2003 से यह संस्थान चला रहे हैं। इसकी प्रेरणा उन्हें आजाद हिंद फौज की मानवती आर्या से मिली थी जिन्होंने अपने पति का शरीर कानपुर मेडिकल कॉलेज को दान किया था। सेंगर दंपति ने बताया कि प्रदेश के पूर्व राज्यपाल डॉ विष्णुकांत शास्त्री ने उन्हें संस्थान चलाने के लिए प्रोत्साहित किया था। संस्थान इसके पहले 22 अक्तूबर को एम्स को ज्योतिमा दीक्षित का पार्थिव शरीर सौंप चुका है। संस्थान अब तक देश के विभिन्न मेडिकल कॉलेजों को 219 मानव शरीर दान कर चुका है।