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स्कूल खुले न बच्चे पहुंचे, शिक्षक भी नदारद

Tue, 24 May 2016 09:19 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर।
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मिड-डे-मील - फोटो : FILE
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शिक्षा विभाग के अफसरों की बेरुखी से बच्चों को मिड-डे मील खिलाने की मंशा परवान नहीं चढ़ पा रही है। मंगलवार को भी ज्यादातर स्कूलों में ताले लटके रहे। बच्चे भी नहीं पहुंचे और शिक्षक भी नदारद रहे। हालांकि इस बीच पांच विद्यालयों की चेकिंग की गई, जिनमें तीन बंद मिले। उधर, 600 स्कूलों के हेडमास्टरों ने सूचना दी है कि उनके स्कूल में मिड-डे मील बना है। अब इन स्कूलों की रिपोर्ट और अधिकारियों की कार्यप्रणाली पर सवाल उठने लगे हैं।
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प्रदेश सरकार ने गर्मी की छुट्टियों में सूखाग्रस्त जिलों के सरकारी स्कूलों में मिड-डे मील बनवाकर बच्चों को खिलाने का निर्देश दिया था। हालांकि इस आदेश में इस बात का जिक्र नहीं किया गया कि मिड-डे मील कौन बनवाएगा। प्राथमिक शिक्षक संघ के नेता पहले ही इस आदेश का विरोध जता चुके हैं।

उनका कहना है कि यह कार्य ग्राम प्रधानों को दिया जाना चाहिए। मिड-डे मील के जिला समन्वयक दीपक पटेल ने बताया कि उन्होंने पांच स्कूलों का निरीक्षण किया, जिसमें नेहरू इंटर कॉलेज, नेहरू कन्या इंटर कॉलेज और राजकीय एडी कन्या इंटर कॉलेज से संलग्न प्राइमरी स्कूल बंद मिला।
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उन्होंने कहा कि रोटेशन में अधिकारियों की जांच के लिए सूची बनाकर डीएम के पास संस्तुति के लिए भेजा गया है। 600 विद्यालयों की ओर से मिड-डे मील बनने की सूचना दी गई है। इन स्कूलों की संख्या में रैंडम चेकिंग कराई जाएगी। 
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