वर्तमान पेराई सत्र के लिए गन्ना सर्वेक्षण त्रुटिरहित और समय से करने के लिए उप गन्ना आयुक्त डॉ आरबी राम की अध्यक्षता में गोरखपुर एवं बस्ती मंडल के सभी जिलों के गन्ना अधिकारियों की मंगलवार को कूड़ाघाट स्थित गन्ना कार्यालय पर बैठक हुई।
एक मई से 30 जून तक चलने वाला यह सर्वेक्षण कार्य जीपीएस के माध्यम से होगा। इसके बाद सर्वेक्षण की स्लीप सर्वे के समय ही किसानों को उपलब्ध करा दी जाएगी। अगर उसमें कोई कमी रही तो किसान तय तिथि के भीतर उसे दुरुस्त करा सकते हैं। उप गन्ना आयुक्त ने अपील की है कि सर्वे के समय किसान खुद उपस्थित रहें।
उन्होंने बताया कि सर्वेक्षण कार्य गन्ना पर्यवेक्षक एवं चीनी मिल के कर्मचारियों द्वारा संयुक्त रूप से किया जाएगा। कहा कि सभी ज्येष्ठ गन्ना विकास निरीक्षक अपने-अपने क्षेत्र में होने वाले सर्वे का सर्किल निर्धारण कर लें। साथ ही यह भी सुनिश्चित कर लें कि प्रत्येक सर्किल में अनिवार्य तौर पर एक कर्मचारी विभागीय हो।
उन्होंने अफसरों को बताया कि गन्ना आयुक्त द्वारा निर्देशित किया गया है कि गन्ना क्षेत्रफल में पांच फीसदी की वृद्धि जरूर की जाए। चूंकि पूर्वी क्षेत्र में गन्ना, गेहूं की फसल काटने के बाद बोई जाती है इसलिए अभी गन्ना बुवाई का कार्य चल रहा है। ऐसे में अधिक से अधिक गन्ना बुवाई कार्य कराके लक्ष्य की पूर्ति सुनिश्चित की जाए।
कहा कि यदि कृषक अपना गन्ना समिति के माध्यम से आपूर्ति करना चाहता है तो उसे समिति का सदस्य बनना होगा जिसकी अंतिम तिथि 15 सितंबर है। बताया कि सर्वेक्षण कृषक के भू-अभिलेखों के आधार पर कराया जाएगा जिसकी उपलब्धता चीनी मिलों द्वारा कराई जाएगी। बैठक के दौरान बभनान, रूधौली, वाल्टरगंज, मसौधा, रौजागांव, अकबरपुर, सिसवाबाजार, गड़ौरा, और कप्तानगंज चीनी मिल के प्रतिनिधि भी मौजूद रहे।