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डॉ. राठी का इस्तीफा, एमडी सीट पर संकट

Mon, 20 Jun 2016 08:43 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर।
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मेडिकल कॉलेज
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मेडिकल कॉलेज बाल रोग विभाग के एकलौते प्रोफेसर डॉ. एके राठी ने इस्तीफा दे दिया है। प्राचार्य को भेजे गए इस्तीफे में उन्होंने साफ कर दिया है कि 15 जुलाई के बाद वह काम करने में असमर्थ हैं। उनके इस्तीफे के साथ ही एमडी की सीटों पर संकट मंडराने लगा है। क्योंकि बिना प्रोफेसर के एमडी के सीट की अनुमति नहीं मिल सकती है। इसके अलावा इंसेफेलाइटिस इलाज का भी प्रभावित होना तय माना जा रहा है।
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अगस्त के पहले सप्ताह में एमसीआई टीम का संभावित दौरा है। पिछली बार निरीक्षण करने आई टीम ने कई कमियां गिनाई थीं। अभी कॉलेज प्रशासन उन कमियों को दूर करने में जुटा था कि इसी बीच प्रोफेसर के इस्तीफे ने परेशानी बढ़ा दी है। बाल रोग विभाग में एक एमडी और एक डिप्लोमा सीट की मान्यता है। वहीं दो एमडी और दो डिप्लोमा की सीट इस उम्मीद पर चलाई जा रही है कि उसे मान्यता मिल जाएगी।

मगर अब बढ़ाई गई सीट की मान्यता की कोशिश कर रहे कॉलेज प्रशासन को बड़ा झटका लगा है। इस्तीफे के पीछे की वजह बीते दिनों प्राचार्य का दौरा बताया जा रहा है। दस जून को प्राचार्य ने बाल रोग विभाग का निरीक्षण किया था। इस दौरान उपस्थिति पंजिका पर डॉ. राठी का हस्ताक्षर नहीं था। प्राचार्य ने उन्हें गैरहाजिर कर दिया था। इसके बाद से ही डॉ. राठी नाराज चल रहे थे। नतीजतन उन्होंने अपना इस्तीफा दे दिया।
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अब सीट बचाने के साथ ही इंसेफेलाइटिस मरीजों का इलाज दोनों कॉलेज प्रशासन के लिए मुसीबत बन गया है। चूंकि एमडी की सीट कम होने से उन डॉक्टर की संख्या में भी कमी होना तय है, जिनके कंधों पर इंसेफेलाइटिस मरीजों के इलाज की जिम्मेदारी हैं।
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