जमीन की रजिस्ट्री करने आए व्यक्ति का कचहरी से अपहरण होने की सूचना पर पुलिस दो घंटे तक परेशान रही। छानबीन में पता चला कि पहली पत्नी का बेटा अपने मामा के साथ उसे महेवा ले गया है। घर पहुंची कैंट पुलिस उसे लेकर थाने आई। बेटे के साथ ससुराल जाने की बात बताने पर उसे छोड़ दिया।
गुलरिहा, बंजरहा के कैलाश साहनी सोमवार की दोपहर 12 बजे पत्नी सीताबी के साथ प्रापर्टी डीलर को जमीन की रजिस्ट्री करने कलक्ट्रेट कचहरी आए थे। जानकारी होने पर एक बजे उनकी पहली पत्नी का बेटा राजेश अपने मामा के साथ वहां पहुंचा और कैलाश को घर ले आया और बेचे जा रहे 18 डिस्मिल पुस्तैनी जमीन में अपना हिस्सा होने की बात कहकर रुपये मांगने लगा।
बातचीत के बाद पिता को लेकर वह महेवा में नाना के घर चला गया। खोजबीन के बाद कैलाश के न मिलने पर पत्नी सीताबी ने पुलिस कंट्रोल रूम में फोन कर अपहरण होने की सूचना दे दी। मामले की छानबीन में जुटी कैंट पुलिस ने कैलाश के नंबर पर कई बार फोन किया लेकिन उसने रिसीव नहीं हुआ। सर्विलांस की मदद से लोकेशन मिलने के बाद हॉक दस्ते के सिपाही सहजराम सरोज, धनंजय सिंह महेवा पहुंचे और बेटे राजेश के साथ उसे कैंट थाने ले आए। कैलाश ने बेटे के साथ ससुराल जाने की जानकारी दी तो दोनों को छोड़ दिया गया।
सौतेली मां को पूरा धन दे रहे
कैंट थाने पहुंचे राजेश ने बताया कि पांच साल पहले उसकी मां धामा देवी की मौत होने के बाद पिता ने दूसरी शादी कर ली, जिससे एक बेटा है। सौतेली मां के बहकावे में आकर वह पुस्तैनी जमीन बेच रहे हैं। उसे न तो इसमें कोई हिस्सा नहीं दे रहे हैं और न ही उसके हिस्से की रकम। जमीन बेचकर सारी रकम सौतेली मां को दिया जा रहा है। सोमवार की दोपहर में मामले की जानकारी होने पर समझाने के लिए बुलाकर ननिहाल ले गया था।