सिंगाही थाने के गांव खैरीगढ़ से शनिवार की रात अगवा की गईं तीन सगी बहनों को बरामद करने के लिए पुलिस 48 घंटों तक खाक छानती रही। सोमवार देर रात लड़कियों की बरामदगी के बाद पुलिस ने राहत की सांस ली। लेकिन अपहर्ता अभी भी चंगुल से दूर है।
खैरीगढ़ निवासी कोल्हू व्यवसाई रामबली गुप्ता के घर से शनिवार की रात करीब साढ़े नौ बजे छह बदमाशों ने उनकी बेटी उपमा, रोहिणी और संतोषी को असलहों के बल पर अगवा कर लिया था। घटना के बाद सीएम आवास से मूवमेंट के निर्देश के बाद पुलिस और अधिकारी मौके पर पहुंचे थे। घटना वाली रात करीब ढाई बजे डीआईजी डीके चौधरी ने गांव पहुंचकर पीड़ित परिवार वालों से मिलकर 24 घंटे में अपहर्ताओं को पकड़ने और तीनों बहनों को सकुशल बरामद करने का दावा किया था। रविवार सुबह से ही पुलिस ने सतर्कता दिखाई लेकिन शाम पांच बजे के बाद पुलिस जंगल से लौट आई। रात में एसपी अखिलेश चौरसिया ने सभी पुलिसकर्मियों को बुलाकर रामबली गुप्ता के घर पर मीटिंग की और उसके बाद चले गए। वहां पर दो सिपाही और दो एसटीएफ के जवानों को तैनात कर दिया। ये जवान सुबह होते ही घर से रवाना हो गए। सोमवार की दोपहर करीब 11 बजे एसपी पीड़ित रामबली के घर पर फिर पहुंचे और वहां पर बंद कमरे में रामबली से घटना के बारे में एक बार फिर पूछताछ की, उसके बाद मीडिया से रूबरू होकर लौट गए।