बीआरडी मेडिकल कॉलेज के अनुरक्षण विभाग में मंगलवार की सुबह आग लग गई। ड्यूटी पर मौजूद गार्डों ने प्रिंसिपल दफ्तर के द्वितीय तल पर स्थित अनुरक्षण विभाग से धुआं उठते देखा तो मौके पर पहुंचे। आग की लपटें देखकर गार्डों ने प्रिंसिपल डॉ. गणेश कुमार, एसआईसी डॉ. रमाशंकर शुक्ल और फायरब्रिगेड को सूचना दी। इसके साथ ही आग बुझाने की कोशिश शुरू की गई। आनन-फानन फायरब्रिगेड की दो गाड़ियां बीआरडी पहुंचीं। आधे घंटे में आग पर काबू पा लिया गया।
सुबह छह बजे के करीब प्रिंसिपल दफ्तर के द्वितीय तल पर स्थित अनुरक्षण विभाग से धुआं उठता देखकर सुरक्षा गार्डों के कान खड़े हो गए। मौके पर गए तो वहां लपटें नजर आईं। प्रिंसिपल, एसआईसी समेत फायरब्रिगेड को सूचना दी गई। करीब साढ़े छह बजे तक आग बुझा ली गई। मेडिकल कॉलेज प्रशासन के मुताबिक अनुरक्षण विभाग में टूटी कुर्सियां और कबाड़ रखा हुआ था। आशंका जताई गई कि आग की वजह किसी कर्मचारी की लापरवाही हो सकती है। माना जा रहा है कि रात के वक्त किसी कर्मचारी ने बीड़ी या सिगरेट पीकर फेंक दिया होगा, जो सुलगकर आग का रूप ले गई।
हो सकता था बड़ा नुकसान
प्रशासनिक भवन स्थित अनुरक्षण विभाग में लगी आग अगर बेकाबू हो जाती तो बड़ा नुकसान हो सकता था। निचले तल पर प्रिंसिपल और उनके निजी सहायक का दफ्तर होने के साथ एसबीआई का दफ्तर भी है।
आठ जनवरी को सुलगा था प्रिंसिपल ऑफिस
बीआरडी मेडिकल कॉलेज में दो महीने पूर्व आठ जनवरी को भी आग लगी थी। तब प्रिंसिपल और उनके निजी सहायक का दफ्तर फुंक गया था। मामले में प्रिंसिपल की ओर से साजिश की आशंका में एफआईआर भी दर्ज कराई गई थी। फिलहाल इसकी जांच जारी है।