जिला अस्पताल की ग्रेडिंग को लेकर मुआयने पर आई एनएचएम (नेशनल हेल्थ मिशन) की टीम को सीवर सिस्टम और मेडिकल वेस्ट के निस्तारण की स्थिति को मानक के अनुरूप नहीं मिला। दोनों कमियों को दूर करने की कवायद में ठेकेदार का रुख आड़े आ रहा है। मेंटीनेंस और सफाई का ठेका लेने वाली कंपनी ने सीवर का काम ठेके की शर्तों में शामिल न होने की बात कही है, जबकि अस्पताल प्रशासन सफाई को मेंटीनेंस का हिस्सा मानकर चल रहा है। ऐसे में अब ठेकेदार का वक्तव्य शासन को भेजकर राय मांगने की तैयारी में हैं।
हालांकि अस्पताल प्रशासन ने कमियों को दूर करने की कवायद तेज कर दी है, ताकि ग्रेडिंग में कमी न आने पाए। इसकी शुरुआत जैसे ही की गई, वैसे ही ठेकेदार ने सीवर की सफाई से इन्कार करते हुए कहा है कि करार में ऐसा नहीं है। एसआईसी ने इस बात को लिखित तौर पर मांगा है। ठेकेदार ने पत्र भेजकर कहा है कि सीवर का काम वह नहीं कर सकते। यह काम अस्पताल प्रशासन करे। इस पत्र को एसआईसी ने स्वीकार नहीं किया है और सीधी बात लिखने को कहा है ताकि शासन से इसके लिए सुझाव मांगा जा सके।
बता दें कि कायाकल्प योजना में प्रदेश के 40 अस्पतालों का चयन हुआ है, जिसमें गोरखपुर जिला अस्पताल भी शामिल है। कहीं कोई चूक न हो, इसके लिए एसआईसी ने प्रयास तेज कर दिए हैं। एसआईसी डॉ. एचआर यादव का कहना है कि जल्द ही शर्तों की जांच कर काम करा लिया जाएगा। यदि ठेकेदार के जिम्मे काम नहीं होगा तो अस्पताल प्रशासन कराएगा। मगर पहले ठेकेदार के शर्तों की पड़ताल होगी।