बांसी(सिद्धार्थनगर)। बसपा के पूर्व एमएलसी लालचंद निषाद और जिलाध्यक्ष शेखर आजाद पर सिद्धार्थ यूनिवर्सिटी में नौकरी दिलाने के लिए 20 लाख रुपये ऐंठने का केस दर्ज हुआ है। दोनों नेताओं पर हल्लौर निवासी युवक ने जालसाजी करने व जान से मारने की धमकी देने का आरोप लगाया है। पुलिस मामले की छानबीन में जुट गई है। वहीं बसपा नेता ने इसे विरोधियों की साजिश बताया है। डुमरियागंज क्षेत्र के हल्लौर कस्बा निवासी फसले मसूद ने बांसी पुलिस को दी तहरीर में कहा है कि पार्टी कार्यकर्ता के तौर पर वह जिलाध्यक्ष और पूर्व एमएलसी के संपर्क में आया। दोनों ने उसे 20 लाख रुपये देने पर नवनिर्मित सिद्धार्थ यूनिवर्सिटी में तृतीय श्रेणी की नौकरी लगवाने का दावा किया। इस पर उसने लोगों से उधार लेकर 25 सितंबर 2016 को सोनारी मोहल्ले में रकम दोनों को सौंप दी। काफी समय बीतने के बाद भी नौकरी न मिलने पर जब उसने रकम मांगी तो पहले हीलाहवाली की गई और बाद में जान से मारने की धमकी दी गई। कोतवाली प्रभारी अनिल सिंह ने बताया कि मामला दर्ज कर छानबीन की जा रही है। वहीं बसपा जिलाध्यक्ष शेखर आजाद का कहना है कि आरोपी को वह जानते ही नहीं हैं। पिछले दिनों दो लोगों को पार्टी से निष्कासित किया गया है। उनमें एक हल्लौर का निवासी है। आरोपी संभवत: उन्हीं का संपर्की है। उनके इशारे पर ही यह मनगढ़ंत आरोप लगाकर छवि खराब करने की कोशिश की जा रही है।
पहले भी हो चुकी है नौकरी के नाम पर ठगी ः सिद्धार्थनगर। सिद्धार्थ यूनिवर्सिटी में नौकरी दिलाने के नाम ठगी के आरोप पहले भी लगे हैं। करीब डेढ़ वर्ष पूर्व चतुर्थ श्रेणी के पदों पर नियुक्ति के बदले साढ़े 3-3 लाख रुपये ऐंठने का मामला सामने आया था। तब उसका बाजार निवासी महिला और महराजगंज जिले का युवक नियुक्ति पत्र लेकर यूनिवर्सिटी पहुंच गए थे। हैरान यूनिवर्सिटी प्रशासन ने पड़ताल की तो पता चला कि नियुक्ति पत्र फर्जी थे। इस मामले में केस दर्ज कर छानबीन हो रही है। अब बसपा नेताओं पर लगे आरोपों ने मामले को गंभीर बना दिया है।