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थोक व्यापारियों को अभयदान, छोटों से वसूली कर थपथपा रहे पीठ

Tue, 11 Jun 2019 10:14 PM IST
गोरखपुर ब्यूरो न्यूज डेस्क, अमर उजाला, गोरखपुर।
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plastic - फोटो : social media
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  • दूसरे राज्यों से पॉलिथीन आयात करने वाली एजेंसियों तक नहीं पहुंच रहे निगम के हाथ
  • नगर निगम की कार्रवाई से छोटे दुकानदार परेशान, थोक व्यापारी धड़ल्ले से बेंच रहे
  • नंबर गेम :90 प्रतिशत पॉलिथीन अहमदाबाद से गोरखपुर आती है
गोरखपुर। पॉलिथीन पर पाबंदी के नाम पर सिर्फ छोटे दुकानदारों से वसूली कर निगम प्रशासन अपनी पीठ थपथपा रहा है। असल में निगम प्रशासन के पास इस पर नकेल कसने की कोई ठोस योजना नहीं है। अवैध ढंग से पॉलिथीन तैयार करने वाली फैक्ट्रियां हों या फिर दूसरे राज्यों से आयात कर स्टॉक करने वाली बड़ी एजेंसियां, उनके गिरेबां तक निगम के हाथ नहीं पहुंच रहे। कमिश्नर की सख्ती की बाद कार्रवाई का कोरम पूरा करने के लिए कुछ छोटे-बड़े दुकानदार और ठेले वाले निशाने पर हैं। गाढ़ी कमाई से खरीदी गई पॉलिथीन, थर्माकोल को जब्त कर उनकी ही रोजी रोटी पर चोट की जा रही है। जबकि निगम चाहे तो ऐसी फैक्ट्रियों या थोक व्यापारियों पर कार्रवाई कर बाजार में इसके आवक को ही रोक सकता है।

अहमदाबाद से आती है करीब 90 प्रतिशत पॉलिथीन

गीडा में प्लास्टिक उत्पादन करने वाली कुल 13 फैक्ट्रियां हैं। ऐसा माना जाता कि इनमें से कुछ चोरी छिपे प्रतिबंधित पॉलिथीन का भी उत्पादन करती हैं। हालांकि यह बमुश्किल 50 से 100 किलोग्राम ही है। अधिकांश पॉलिथीन गुजरात के अहमदाबाद से आती हैं। पॉलिथीन गुजरात से गोरखपुर में गंतव्य तक पहुंच जाना और फिर बाजारों में धड़ल्ले से बिकना जिला और नगर निगम प्रशासन पर सवाल खड़ा करता है। प्लास्टिक उत्पादक पवन टिबड़ेवाल का कहना है कि करीब 90 प्रतिशत पॉलिथीन बाहर से आती है।

साहबगंज, बक्शीपुर, चौरहिया गोला है पॉलिथीन का मुख्य बाजार

बक्शीपुर, साहबगंज, चौरहिया गोला, रेती रोड शहर में पॉलिथीन की मुख्य बाजार हैं। अहमदाबाद से लाई जाने वाली पॉलिथीन अधिकांश तौर पर यहीं पहुंचती है। इसके इसके बावजूद नगर निगम का अभियान यहां बहुत कम ही चला है।
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थोक व्यापारियों के पास पहलेे ही पहुंच जाती है सूचना
जब भी निगम की टीम निकलती है तो थोक व्यापारियों के पास सूचना पहले ही पहुंच जाती है। ऐसे में दुकानदार दुकान बंद करके फरार हो जा रहे हैं।

नगर आयुक्त अंजनी कुमार सिंह से दो टूक

प्रश्न- केवल छोटे दुकानदारों के खिलाफ कार्रवाई क्यों हो रही है।
उत्तर- ऐसा नहीं है। रेती रोड समेत कुछ अन्य स्थानों पर छापेमारी में काफी मात्रा में पॉलिथीन मिली है। 50 हजार रुपये तक जुर्माना किया गया है। जांच के दौरान छोटे दुकानदारों और ठेले वालों के पास पॉलिथीन दिखने पर उनको नजरअंदाज नहीं किया जा सकता है।
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प्रश्न- साहबगंज, बक्शीपुर, चौरहिया गोला पॉलिथीन का मुख्य बाजार है, लेकिन वहां कार्रवाई नहीं हुई है।
उत्तर- मुझे पॉलिथीन के थोक व्यापार के संबंध में केवल रेती रोड बताया गया था, वहां कार्रवाई की गई है। अन्य जगहों पर भी कार्रवाई होगी। कुछ स्थानों पर टीम के पहुंचने पर दुकानदार ताला लगाकर भाग जा रहे हैं। उनके खिलाफ भी कार्रवाई होगी।
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प्रश्न- इसके बाद भी दूसरे प्रदेशों से धड़ल्ले से पॉलिथीन का आयात हो रहा है।
उत्तर- बाहर से पॉलिथीन तो थोक व्यापारियों के पास ही आएगा। इसलिए थोक व्यापारियों के खिलाफ सख्त अभियान चलाया जा रहा है।
प्रश्न- प्लास्टिक पैकेजिंग मैटेरियल पर भी रोक है क्या?


उत्तर- सभी तरह के प्लास्टिक उत्पादन को प्रतिबंधित किया गया है।

 

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