गोरखपुर। सपा और बसपा पार्षदों के विरोध के बावजूद नगर निगम कार्यकारिणी की बैठक में कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए। नगर निगम की आय में बढ़ोतरी के साथ शहर की सफाई व्यवस्था को बेहतर बनाने के प्रस्तावों को मंजूरी दी गई। जनसंख्या के आधार पर सभी वार्डों में 10 से 15 सफाई कर्मचारी बढ़ाने और पार्षद वरीयता के 10 लाख रुपये के काम कराने का भी निर्णय लिया गया।
मेयर सीताराम जायसवाल की अध्यक्षता में बृहस्पतिवार को नगर निगम के अतिथि गृह में कार्यकारिणी की बैठक हुई। इस दौरान सपा के सदस्यों शहाब अंसारी, विश्वजीत त्रिपाठी आदि ने बिना मेयर, नगर निगम बोर्ड और कार्यकारिणी की स्वीकृति के ने नगर निगम के फंड से मेडिकल कॉलेज में 15 करोड़ के काम कराने पर आपत्ति जताई। बसपा पार्षदों ने भी इसका विरोध किया। वे नारेबाजी करते हुए बैठक का बहिष्कार कर बाहर चले गए। हालांकि नगर आयुक्त प्रेमप्रकाश सिंह ने बताया कि इसे बिना ब्याज के कर्ज के रूप में दिया गया है।
बैठक में हुए अन्य महत्वपूर्ण निर्णय
- मानक के विपरीत किसी भी निर्माण कार्य के लिए ठेकेदार के खिलाफ कठोर कार्रवाई होगी
- 10 लाख तक पार्षद वरीयता के काम तीन दिन में स्वीकृत कर एक सप्ताह में कोटेशन के जरिए शुरू कराए जाएंगे
- सेवानिवृत्ति के बाद ट्यूबवेल के भवन और आसपास की जमीन पर काबिज पंप आपरेटरों को हटाया जाएगा। नगर निगम द्वारा तैनात कर्मचारियों को वह भवन किराये पर दिया जाएगा
- लाइसेंस विभाग में आउटसोर्सिंग से कर्मचारियों की तैनाती कर वसूली बढ़ाई जाएगी
- नगर निगम में कार्यरत कंप्यूटर आपरेटरों को पीडब्लूडी शेड्यूल के आधार पर मानदेय दिया जाएगा
- जलकल विभाग में 14 अवर अभियंता शासन से उपलब्ध कराने के लिए प्रस्ताव पारित किया गया
- नगर निगम में स्वीकृत पत्रावली की लायबिल्टी (देनदारी) की जांच होगी। जरूरी न हुआ तो उसे निरस्त किया जाएगा
शहर में 20 स्ट्रीट वेंडिंग जोन निर्धारित
शहर में 20 स्थानों पर स्ट्रीट वेडिंग जोन निर्धारण के लिए कार्यकारिणी समिति ने प्रस्ताव पारित किया। इसमें 3300 से 3400 पटरी व्यवसायियों को व्यवसाय के लिए अस्थाई स्थल उपलब्ध कराया जाएगा।
भवनों और दुकानों के लिए कूड़ा उठान शुल्क निर्धारित
101 तरह के भवनों, दुकानों, रेस्टोरेंट, सब्जी एवं फ ल विक्रेताओं, होटल, लॉज, गेस्ट हाउस, बेकरी, कार्यालय सरकारी एवं गैर सरकारी, स्कूल, शिक्षण संस्थान, व्यावसायिक शिक्षण संस्थान, नर्सिंग होम, क्लीनिक, शोरूम, मॉल, व्यावसायिक कांप्लेक्स, प्रौद्योगिक इकाई, पेट्रोल पंप, डेयरी, शराब की दुकानों आदि से निकलने वाले कूड़े कचरे के लिए शुल्क निर्धारित किया गया।
खरीदी जाएंगी गाड़ियां
बड़े नालों, नालियों की सफ ाई के छोटी-बड़ी पोकलेन मशीन, डंपर, ट्रक, ट्रैक्टर, ट्रिपिंग ट्राली, हुक लोडर, चेसिस, टाटा मैजिक, थ्री डायमेंशन बैक होल लोडर, रोबोट, बड़ी-छोटी रोड स्वीपिंग मशीन, पशु वाहनों की खरीद होगी। इसके लिए शासन को प्रस्ताव भेजा जाएगा।
आठ हजार खंभों पर लाइट नहीं
शहर में अभी आठ हजार खंभों पर लाइटें नहीं लगी हैं। इन प्वाइंट पर एलईडी लगाने के लिए शासन से राय लेने का निर्णय लिया गया। नगर आयुक्त ने बताया कि जिस कंपनी ने 70 वार्डों में एलईडी लगाई है उसका रखरखाव भी उसे ही करना है। यदि किसी अन्य कंपनी द्वारा छूटे हुए कामों को कराया जाता है तो भविष्य में विवाद की आशंका है। शासन से इस संबंध वार्ता की गयी है। शीघ्र ही निर्णय हो जाएगा।
निगम कर्मचारी ही चलाएंगे मिनी नलकूप
शहर के 80 मिनी नलकूपों में से 77 चल रहे हैं। इनमें से अधिकांश को आसपास के लोग ही चला रहे हैं। ऐसे में अक्सर इनमें खराबी आती रहती है। ऐसे में निर्णय लिया गया कि विभाग के जो कर्मचारी बड़े नलकूप का संचालन करते हैं, उन्हीं को आसपास लगे नलकूपों को चलाने की जिम्मेदारी भी दी जाएगी। शहर में कुछ अन्य क्षेत्रोें में मिनी नलकूप लगाने का भी निर्णय लिया गया।
नए सिरे से तय होगा भवनों का टैक्स
बैठक में सदस्यों ने कई कर निरीक्षकों पर सही ढंग से काम न करने और अवैध वसूली का आरोप लगाया। बताया गया कि कर निरीक्षकों पत्रावली गायब कर लोगों का परेशान कर रहे हैं। कई भवनों, मैरेज हाल पर कम कर लगाकर निगम को नुकसान पहुंचाया जा रहा है। इसके बाद कार्यकारिणी ने एक माह के अंदर सभी कर निरीक्षक, कर अधीक्षक, जोनल अधिकारियों को उनके क्षेत्र के मकानों, व्यावसायिक भवनों, मैरेज हालों, होटलों, गेस्ट हाउस, नर्सिंग होम सहित सभी प्रतिष्ठानों पर टैक्स निर्धारित कर प्रमाणपत्र प्रस्तुत करने को कहा। तय समय में कर निर्धारण न हुआ है तो संबंधित के विरुद्ध कार्रवाई होगी।