गोंडा। महिलाओं के अधिकारों को संरक्षण के लिए प्रभावी कानून लागू है। जरूरत है तो हर महिला को कानूनी जानकारी हो, इससे वह सशक्त हो सकेंगी। इसी उद्देश्य से जिला विधिक सेवा प्राधिकरण मयंक कुमार जैन की अध्यक्षता में कार्यक्रम आयोजित हुआ।
जिसमें उनकी धर्म पत्नी, जिलाधिकारी मार्कंडेय शाही, अपर सत्र न्यायाधीश/ पाक्सो एक्ट चन्द्रमोहन चतुर्वेदी, अपर जिला जज/ नोडल अधिकारी लोक अदालत डॉ. दीनानाथ सप्तम, मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट चिर कुमारित्वा, न्यायिक अधिकारीगण एवं जिला प्रशासन के अधिकारी रहे।
राष्ट्रीय महिला आयोग के तत्वावधान में आजादी का अमृत महोत्सव के अनुसरण में विधिक सेवा व सहायता गतिविधियों के बारे में जानकारी दिया। जनपद न्यायाधीश मयंक कुमार जैन ने बताया कि आजादी का अमृत महोत्सव 2 अक्तूबर से आगामी 14 नवंबर तक मनाया जा रहा है।
इसका उद्देश्य भारत के संविधान में जनसामान्य के जीवन व व्यक्तिगत स्वतंत्रता का हनन रोकने के लिए मौलिक अधिकार दिया गया है। जनपद के समस्त जनमानस तक विधिक सेवा/सहायता गतिविधियों से जागरूक करते हुए पहुंच सुनिश्चित करना है।
विधिक जागरूकता शिविर में जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के सचिव कृष्ण प्रताप सिंह ने बताया कि वर्तमान में न्याय सभी के लिए उपलब्ध है, न्याय पाने का सभी को समान अधिकार है। यदि कोई व्यक्ति अपना मामला न्यायालय में प्रस्तुत करना चाहता है, अथवा उसका कोई प्रकरण न्यायालय में लंबित है तो उस व्यक्ति की गरीबी न्याय दिलाने में रुकावट नहीं होगी। महिला सशक्तीकरण के बारे में जानकारी दी।
जिला बाल एवं महिला कल्याण अधिकारी फरहाना खान एवं पूनम यादव थानाध्यक्ष महिला थाना ने महिलाओं के अधिकार विषय पर जानकारी दी। सोनम गौतम अपर सिविल जज ने महिला उत्पीड़न के बारे में कानूनी जानकारी दी।
किरन सिंह सहायक डाक अधीक्षक ने विभागीय योजनाओं के बारे में और राजकीय बालिका इंटर कालेज की प्रधानाचार्या गीता त्रिपाठी, उप निबंधक सुधा यादव ने भी महिला सशक्तीकरण पर अपने अपने विचार व्यक्त किये।