गोंडा। बेटी की मौत के मामले में कार्रवाई न होने से नाराज एक महिला ने बुधवार को पुलिस अधीक्षक कार्यालय में खुद पर केरोसिन छिड़ककर आत्मदाह का प्रयास किया। मौके पर मौजूद महिला पुलिसकर्मियों ने सक्रियता दिखाते हुए उसके हाथ से केरोसिन की बोतल छीन ली।
मनकापुर के बंदरहा निवासी रूपाली ने बताया कि उसकी नौ वर्षीय बेटी सिद्धि की नवंबर 2025 में एक निजी अस्पताल में इलाज के दौरान मौत हो गई थी। उसका आरोप है कि अस्पताल प्रशासन ने इलाज के दौरान पहले 50 हजार रुपये जमा कराए और बाद में शव सौंपने से पहले एक लाख रुपये की मांग की। किसी तरह परिजनों और रिश्तेदारों की मदद से रकम जुटाकर अस्पताल में जमा कराई गई, तब जाकर बेटी का शव मिला।
रूपाली का आरोप है कि अस्पताल में उसकी बेटी को गलत ग्रुप का रक्त चढ़ा दिया गया, जिससे उसकी हालत और बिगड़ गई। इसके बाद डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। महिला का कहना है कि उसने इस मामले में कई बार शिकायत की, लेकिन अस्पताल के खिलाफ अब तक कोई कार्रवाई नहीं हुई। इसी से आहत होकर बुधवार सुबह करीब 11:30 बजे वह एसपी कार्यालय पहुंची।
अपर पुलिस अधीक्षक राधेश्याम राय ने मामले में क्षेत्राधिकारी को जांच सौंपी है। सीएमओ डॉ. संतलाल पटेल का कहना है कि इस मामले में महिला आयोग से भी जांच का आदेश मिला है। जानकारी करने पर पता चला है कि जो खून चढ़ाया गया था, वह बलरामपुर से मंगवाया गया था। इसलिए सीएमओ बलरामपुर को पत्र लिखा है।