नवाबगंज विकासखंड के टिकरी गांव के बिहारीपुरवा निवासियों ने मजरे में पानी की समस्या को लेकर गुरुवार को प्रदर्शन कर विरोध जताया है। टिकरी गांव का बिहारीपुरुवा मजरा आजादी के 65 साल बाद भी समस्याओं से गुजर रहा है।
इस मजरे में 70 फीसदी आबादी पिछड़ी जाति की है। विकास के नाम पर आज तक मजरे का कायाकल्प नहीं हो पाया है। कहने को तो मजरे से चंद कदम दूरी पर ही रेलवे स्टेशन है।
बगल में टिकरी जंगल पर गांव के लोगों को पीने के लिए साफ पानी तक नहीं मिल पा रहा है। गांव के चंद्रशेखर यादव ने बताया कि मजरे में करीब दो सौ पचास लोगो की आबादी है। पर एक भी सरकारी नल गांव मे नहीं है न ही बिजली, सड़क, स्कूल व स्वास्थ्य केन्द्र है। मजरे में तालाब न होने से पशुओं को पीने के लिए पानी नहीं मिल पा रहा है।
मजरा स्थित तालाब पर दूसरे गांव के दबंगों ने कब्जा कर रखा है। बच्चों को प्राथमिक शिक्षा के लिए दो तीन किलोमीटर दूर जाना पड़ रहा है। लोगों को प्राथमिक उपचार के लिए भी कोई व्यवस्था न होने से दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
मजरे के बेचन यादव, श्यामा, प्रेमा, सुरेंद्र, बड़का, मंगल, रोहित, मालती यादव आदि ने चंद्रशेखर यादव की अगुवाई मे प्रदर्शन कर गांव में पानी, बिजली सहित अन्य मूलभूत सुविधाओं की मांग की है।