अब वह दिन दूर नहीं, जब देवीपाटन मंडल की पहचान पावर कॉर्पोरेशन के एक ऐसे आइडियल जोन के तौर पर की जाएगी, जिसके सभी जिलों को पावर कॉर्पोरेशन 24 घंटे बिजली देगा। हालांकि इसमें मौजूदा वक्त श्रावस्ती जनपद को पावर कॉर्पोरेशन की ओर से 24 घंटे बिजली की आपूर्ति हो भी रही है।
लेकिन श्रावस्ती की ही तर्ज पर मंडल के बाकी बचे तीन जिलों गोंडा, बहराइच व बलरामपुर को भी 24 घंटे बिजली मिले, इसके लिए अगले तीन महीनों में यहां के अभियंताओं को सवा दो लाख बिजली के मीटर लगाने का लक्ष्य पावर कॉर्पोरेशन चेयरमैन संजय अग्रवाल ने सौंपा है। अगर इस काम को तय समय में स्थानीय बिजली अभियंता पूरा कर लेते हैं, तो श्रावस्ती की ही तरह मंडल के बाकी बचे तीनों जिलों को भी एकमुश्त 24 घंटे बिजली मिलने लगेगी।
जिसके लिए चेयरमैन संजय अग्रवाल ने पूरे सूबे से एकमात्र देवीपाटन मंडल के नाम का प्रस्ताव आइडियल जोन के तौर पर मुख्यमंत्री कार्यालय को भेजा है। जहां आने वाले तीन महीनों में कोई भी घर ऐसा नहीं होगा, जहां बिजली के मीटर न लगे हों।
देवीपाटन मंडल के चार जिलों में श्रावस्ती के 38 हजार बिजली उपभोक्ताओं को छोड़ दिया जाए तो बाकी तीन जिलों में आधे से ज्यादा उपभोक्ता बगैर मीटर के ही बिजली जला रहे हैं।
गोंडा में वैसे तो कुल डेढ़ लाख उपभोक्ता हैं, जिसमें से 65 हजार के घरों में बिजली के मीटर लगाए जा चुके हैं, लेकिन अभी भी यहां करीब 90 हजार मीटर लगने बाकी है। जबकि बलरामपुर में 82 हजार उपभोक्ताओं के सापेक्ष सिर्फ 16 हजार लोगों के घरों में ही बिजली के मीटर लगे हैं। यहां 66 हजार घरों में बिजली के मीटर लगने हैं।
वहीं, बहराइच जनपद में सवा दो लाख उपभोक्ताओं के सापेक्ष केवल 53 हजार उपभोक्ताओं के घर में ही मीटर लगे हैं। यहां भी करीब 70 हजार लोगों के घरों में बिजली के मीटर लगाने का लक्ष्य है।
देवीपाटन मंडल के तीन जिलों को सौ फीसदी बिजली के मीटरों से लैस किए जाने के लिए जो सवा दो लाख मीटर यहां लगाए जाने हैं, उसमें से प्रत्येक मीटर को बिजली चोरी रोकने के लिए तीन सीलिंग लगाकर सील किया जाएगा।
इसके लिए गोंडा में 90 हजार मीटर और 2.70 लाख सीलिंग, बलरामपुर में 66 हजार मीटरों के साथ दो लाख सीलिंग और बहराइच में 70 हजार मीटर लगाने के लिए 2.40 लाख सीलिंग की डिमांड कॉर्पोरेशन को भेजी गई है।
चेयरमैन संजय अग्रवाल से मिले निर्देशों के क्रम में मुख्य अभियंता हर्ष मुंशी ने जून, जुलाई व अगस्त के पहले हफ्ते में 80 हजार मीटर लगाने का लक्ष्य हर जेई, एई व एक्सईएन को अलाट किया है। जिसके साथ 2.40 लाख सीलिंगे भी लगाई जानी हैं। सभी तीन जिलों में अभियान के तहत यह मीटर घर-घर लगाए जाएंगे, जिसकी पूरी प्लानिंग स्थानीय अभियंता तय कर चुके हैं।
पावर कॉर्पोरेशन अधिकारियों की अगले तीन महीनों में की जाने वाली मेहनत अगर रंग लाती है तो मंडल में बिजली के जितने भी 33/11 केवी सबस्टेशन हैं, उनकी बिजली 24 घंटे हो जाएगी।
यही नहीं इस बिजलीघर से लोगों को जो बिजली मिलेगी, वह पूरी तरह से कटौती मुक्त होगी और उसका कोई भी रोस्टिंग शेड्यूल नहीं होगा। रोस्टिंग सिर्फ आपातकाल में किसी तरह का कोई फाल्ट आने पर ही की जाएगी।
मुख्य अभियंता, देवीपाटन जोन हर्ष मुंशी का कहना है कि देवीपाटन मंडल के लोगों के लिए यह सौभाग्य की बात है कि उनका यह मंडल पूरे प्रदेश में अपनी अलग पहचान बनाने जा रहा है।
अगले तीन महीनों में बिजली के सवा दो लाख मीटर लगाने का जो टारगेट उन्हें पावर कॉर्पोरेशन चेयरमैन से मिला है, अगर वह उसे तय समय पर पूरा कर लेते हैं तो मंडल के बाकी बचे तीन जिलों की बिजली भी 24 घंटे हो जाएगी। खुशी की बात यह है कि पूरे सूबे से पावर कॉर्पोरेशन ने देवीपाटन मंडल के नाम का प्रस्ताव इसके लिए किया है, जो अपने आप में एक बड़ी बात है।