फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

हाईटेक बनाने के लिए 1204 पंचायतों में वाई-फाई सुविधा

विज्ञापन
फोटो-12-गोंडा में रूपईडीह ब्लाक के छिटनापुर में बना पंचायत भवन।-संवाद - फोटो : GONDA
विज्ञापन
गोंडा। पंचायतों को सशक्त बनाने के साथ ही हाईटेक बनाने की तैयारी हो रही है। 1204 पंचायतों के सचिवालयों को इंटरनेट से जोड़ने के साथ ही 50 मीटर के दायरे में आम लोगों को मुफ्त वाई-फाई की सुविधा मिलेगी। इसके लिए विभाग ने निर्देश दिए हैं। इसके अलावा पंचायत सहायक और बीसी सखी अब आम लोगों को सरकारी योजनाओं से जोड़ने के लिए सचिवालय में उपलब्ध रहेंगी। इनकी नियुक्तियां भी हो रहीं हैं। जिसमें एक हजार से अधिक पंचायत सहायक नियुक्त हो चुके हैं।
विज्ञापन

पंचायत राज विभाग ने स्मार्ट गांव बनाने की तैयारी शुरू किया। हर पंचायत में सचिवालय भी तैयार हो चुके हैं। ग्राम पंचायत कार्यालय को ग्राम सचिवालय का दर्जा दिया गया है। गांवों की जनता को विभिन्न विभागों से जिन दस्तावेजों, अभिलेखों व कागजात की जरूरत पड़ती है। ग्राम पंचायतों में पंचायत सहायक कॉमन सर्विस सेंटर के माध्यम से इसे देने की व्यवस्था की जा रही है। ग्राम पंचायतों में रहने वाली ग्रामीण जनता की क्षमता का पूर्ण विकास व नई आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा देने के लिए इंटरनेट कनेक्टिविटी होगी। स्मार्ट ग्राम के लिए पंचायत के ग्राम सचिवालय कार्यालयों को हाई स्पीड इंटरनेट से जोड़ने की तैयारी हो रही है। इंटरनेट कनेक्टिविटी की ऐसी व्यवस्था की जाएगी, जिससे ग्राम सचिवालय भवन के 50 मीटर दायरे में ग्रामीणों को फ्री वाई-फाई की सुविधा मिल सके।
ग्राम प्रधानों का एक दिवसीय प्रशिक्षण
तरबगंज ग्राम प्रधानों को ऑनलाइन ग्राम पंचायतों के भुगतान से जुड़ी जानकारी को लेकर एक दिवसीय प्रशिक्षण दिया गया। प्रशिक्षक डीपीएम सतीश गुप्ता ने बताया कि ई - स्वराज पर सभी ग्राम पंचायतों की प्रोफाइल बनी हुई है। ग्राम प्रधान मेकर की भूमिका में ग्राम पंचायत से होने वाले भुगतान को स्वीकृत - अस्वीकृत और संशोधित करने के लिए चेकर की भूमिका में होता है। सभी ग्राम प्रधान डिजिटल हस्ताक्षर का उपयोग करने से पहले यह आश्वस्त हो ले कि भुगतान के लिए बनाए गए सचिव द्वारा वाउचर सही हैं। अन्यथा की दशा में प्रधान की भी जिम्मेदारी भुगतान के बाद निहित होगी।
विज्ञापन

प्रधानों को लाइव टेलीकास्ट के माध्यम से पंचायतों के प्रोफाइल पर लॉगिन करने व बनाए गए वाउचर को स्वीकृति अस्वीकृत व संशोधित करने की प्रक्रिया की जानकारी दी गई। सोमवार को खंड विकास अधिकारी आकाश सिंह ने कहा कि इस डिजिटल युग में प्रधान को अपने डिजिटल सिग्नेचर को उपयोग करने के लिए जागरूक होना जरूरी है, जिससे पंचायत की धनराशि का विकास कार्यों में सही उपयोग किया जा सके। प्रशिक्षण में एडीओ पंचायत के के तिवारी, नरसिंह नरायण पांडेय, रामशरण, ग्राम प्रधान रामापुर कमलेश पांडेय, रामकुमार सिंह, मदन मोहन दुबे, संजय रावत, समुंद्रा आदि रहे।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें