गोंडा। जिले के करीब तीन लाख पशुपालकों के लिए राहत भरी खबर है। अब पशुओं की दवाओं के लिए भटकना नहीं पड़ेगा। प्रशासन ने सभी 16 विकासखंडों में पशु औषधि विक्रय केंद्र खोलने की तैयारी तेज कर दी है। इससे जिले के करीब साढ़े चार लाख पशुओं को सीधे लाभ मिलने की उम्मीद है।
जिलाधिकारी प्रियंका निरंजन ने बताया कि इस पहल से दोहरे फायदे होंगे। एक ओर पशुपालकों को सस्ती दवाएं मिलेंगी। दूसरी ओर युवाओं को रोजगार के अवसर भी उपलब्ध होंगे। यह योजना भारत सरकार के पशु स्वास्थ्य एवं रोग नियंत्रण कार्यक्रम के अंतर्गत संचालित की जा रही है, जिसका उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों में पशु चिकित्सा सुविधाओं को मजबूत करना है।
पशु औषधि विक्रय केंद्र खोलने के इच्छुक अभ्यर्थी पशुपालन विभाग की आधिकारिक वेबसाइट से ऑनलाइन आवेदन कर सकेंगे। आवेदन शुल्क पांच हजार रुपये निर्धारित किया गया है, जो नॉन रिफंडेबल होगा। हालांकि आकांक्षात्मक जनपद व विकासखंड के आवेदकों को शुल्क में छूट दी जाएगी।
केंद्र खोलने के लिए न्यूनतम 120 वर्गफुट स्थान होना अनिवार्य है। इसके साथ ही बी-फार्मा या डी-फार्मा डिग्रीधारी व्यक्ति की उपलब्धता जरूरी होगी। फार्मासिस्ट का पंजीकरण प्रमाणपत्र भी आवेदन के साथ प्रस्तुत करना होगा।