नवाबगंज (गोंडा)। सीएचसी में मंगलवार को प्रसूता व गर्भस्थ शिशु की मौत के बाद परिजनों ने स्वास्थ्यकर्मियों पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए हंगामा किया। बाद में परिजन मृतका का शव लेकर चले गए। हालांकि स्वास्थ्य विभाग ने मातृ मृत्यु के कारणों की पड़ताल कराने की बात कही है।
कोल्हमपुर के चखमखा गांव निवासी रामसनेही साहू ने बताया कि मंगलवार को उनकी पत्नी सोनी देवी (27) को प्रसव पीड़ा होने पर दोपहर में सीएचसी ले जाया गया। जहां पर जांच करने के आधे घंटे बाद डाॅक्टर ने सोनी व गर्भस्थ शिशु को मृत घोषित कर दिया। इसके बाद परिजनों ने इलाज में लापरवाही का आरोप लगाते हुए हंगामा शुरू कर दिया।
सीएचसी अधीक्षक डॉ. राम मोहन सिंह ने बताया कि सोनी नौ माह की गर्भावस्था में कभी भी इलाज कराने नहीं आई थीं। अस्पताल पहुंचने सोनी की ईसीजी जांच की गई, जिसमें स्टेट लाइन आने पर उन्हें मृत घोषित कर दिया गया। गर्भस्थ शिशु की पहले ही मौत हो गई थी।
सीएमओ डॉ. रश्मि वर्मा ने बताया कि अस्पताल आने से पहले ही प्रसूता की मौत होने की जानकारी मिली है। फिर भी मातृ मृत्यु के कारणों की अलग से जांच कराई जाएगी।