फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

सिर्फ हाथों के सहारे ट्रैफिक व्यवस्था

विज्ञापन
विज्ञापन
गोंडा। शहर में यातायात व्यवस्था बेपटरी हो गई है। आलम ये है कि हर चौक-चौराहे पर लोगों को जाम से जूझना पड़ता है। जाम से निजात को लेकर कोई ठोस रणनीति नहीं बन पा रही है। इसके चलते इस शहर में आज भी ट्रैफिक कंट्रोल की कोई आधुनिक प्रणाली नहीं है। यानी लाल या पीली बत्ती नहीं सिर्फ हाथों के सहारे यहां यातायात व्यवस्था को सुचारु रखने की जद्दोजहद की जाती है। इसका सीधा असर आम जनता पर पड़ रहा है।
विज्ञापन

सबसे ज्यादा समस्या शहर के महिला अस्पताल के पास रहती है। जहां एंबुलेंस तक को रास्ता नहीं मिल पाता। महिला अस्पताल के पास सड़क तक लोग दुकानें लगाते हैं। ठेले खड़े रहते हैं। सड़क पर ही लोग अपने वाहन खड़े करके खरीदारी करने चले जाते हैं। इससे लोगों को जाम से जूझना पड़ता है।
शहर में जाम की समस्या विकराल हो गई है। यहां प्रतिदिन लोग जाम से जूझते रहते हैं। लाल बहादुर शास्त्री डिग्री कॉलेज चौराहा हो या फिर फौव्वारा चौराहा। बात यहीं खत्म नहीं होती, गुड्डूमल चौराहा, पीपल चौराहा, चौक बाजार, गोंडा-बेलसर मार्ग पर मेवातियान में मोड़ के पास, बड़गांव पुलिस चौकी चौराहे के पास सुबह से रात तक कई बार जाम लगता है।
विज्ञापन

यहां तैनात पुलिसकर्मियों व होमगार्ड जवानों को जाम खत्म कराने में पसीना बहाना पड़ता है। सबसे ज्यादा परेशानी महिलाओं व बच्चों को होती है। इस गर्मी में लोग जाम में फंसकर परेशान होते हैं, साथ ही यातायात की लचर व्यवस्था को कोसते रहते हैं। नो इंट्री की व्यवस्था लागू होने के बाद भी बड़े वाहन बाजारों में घुस जाते हैं। यही कारण है कि लोगों को जाम से जूझना पड़ता है।
पंतनगर निवासी विश्वजीत शुक्ल का कहना है कि शहर में जाम की समस्या से छुटकारा दिलाने के लिए प्रयास करने की जरूरत है। जाम में एंबुलेंस व स्कूली बस तक फंस जाती हैं। शहर के बाहर यदि रिंग रोड बना दिया जाए तो जाम से काफी हद तक निजात मिल सकती है। प्रशासन को ट्रैफिक व्यवस्था में सुधार करना चाहिए।
झौहना गांव निवासी बैजनाथ परिवारीजन के साथ बाइक से महिला अस्पताल आए थे। उन्होंने बताया कि चौराहे से अस्पताल तक दूरी तय करने में 20 मिनट लग गए। उनको दवा लेकर जाना था। इस बीच परिवारीजनों ने कई फोन किया, लेकिन जाम की वजह से परेशानी का सामना करना पड़ा।
शहर के राजा मोहल्ला निवासी प्रदीप का कहना है कि शहर में जाम की समस्या विकराल है। यातायात व्यवस्था को लेकर कोई ठोस पहल की जाए तो इससे निजात मिल सकती है। उन्होंने कहा कि अक्सर देखा जाता है कि एंबुलेंस तक जाम में फंस जाती है। लोग इधर-उधर वाहन खड़े कर देते हैं। इससे समस्या और बढ़ जाती है।
जेलरोड निवासी दीपक का कहना है कि वह खरीदारी करने चौक बाजार जा रहे थे। अचानक एक पिकअप संकरे रास्ते में घुसने से जाम लग गया। थोड़ी देर बाद एक अन्य वाहन से व्यापारी की दुकान में माल उतारा जाने लगा। इससे उन्हें काफी देर तक जाम में फंसना पड़ा। करीब एक घंटे बाद वह सामान लेकर घर पहुंच पाए।
शहर में यातायात व्यवस्था में पुलिस के साथ ही पीआरडी व होमगार्ड के जवान लगाए गए हैं। लोगों को जागरूक भी किया जाता है। प्रयास रहता है कि कहीं अनावश्यक जाम न लगे। कुछ लोग बेतरतीब ढंग से वाहन खड़े कर देते हैं। ये भी जाम का सबसे बड़ा कारण बन जाता है। ऐसे वाहनों का चालान किया जाएगा।
विज्ञापन

-अभिनव प्रताप सिंह, यातायात निरीक्षक
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें