गोंडा। स्वच्छ भारत मिशन से हर परिवार को जोड़े जाने की मुहिम के तहत 17 हजार परिवारों को स्वच्छ शौचालय बनवाने के लिए अनुदान राशि मिलेगी। इसके लिए एक बार फिर से नए सिरे से नए परिवारों को आंकलन कर खर्च होने वाली अनुमानित बजट राशि की मांग की जाएगी। जिले में अब तक चार लाख के करीब परिवारों को स्वच्छ शौचालय के लिए अनुदान दिया जा चुका है।
कोरोना काल में वर्ष 20019-20 व 2020 -21 में 19 हजार से अधिक परिवारों को चिन्हित किया गया था। वर्ष 1995 से संचालित स्वच्छता मुहिम के तहत शौचालय निर्माण के लिए अनुदान राशि को बढ़ाकर अब 12,600 रुपया कर दिया गया था। इस दौरान करीब चार लाख परिवारों को स्वच्छ शौचालय अभियान से जोड़कर अनुदान भी दिया गया। हालांकि इस दौरान वर्ष कोरोना संकट के दौरान दो साल पूरा अभियान प्रभावित भी हुआ। विभागीय अफसरों की माने तो हर साल कुछ लोग अपने परिवार से अलग होकर रहने लगते हैं। इससे एक अलग परिवार बन जाता है। इन परिवारों को भी शौचालय योजना से अनुदान दिए जाने की जरूरत है। ऐसे में अनुमान है कि 17 हजार के करीब परिवारों को अनुदान दिए जाने की पहल नए वित्तीय वर्ष में हो सकती है।
डीपीआरओ समेत चार अफसरों को मिलेगा प्रशिक्षण
स्वच्छ भारत मिशन को और बेहतर ढंग से लागू किए जाने के लिए नोएडा में एक दो दिवसीय प्रशिक्षण कार्यशाला का आयोजन भी किया जाएगा। इसमें जिला पंचायत राज अधिकारी रोहित भारती के साथ ही जिला समन्वयक अभय प्रताप रमन, बृजेश श्रीवास्तव व एडीओ पंचायत कटरा बाजार हिस्सेदारी करेंगे। प्रशिक्षण के दौरान ही साल भर के लिए एक कार्य योजना भी तैयार की जाएगी। प्रशिक्षण के बाद जिले के एडीओ पंचायतों और स्वच्छता समन्वयकों को प्रशिक्षित किया जाएगा। इसके बाद ब्लॉक स्तर पर सचिव प्रशिक्षित होंगे।
122 सामुदायिक शौचालयों के निर्माण में देरी
जिले में पंचायत चुनाव से पहले 160 नए पंचायतों का गठन हुआ था। जिसमें सामुदायिक शौचालयों का निर्माण होना था। इसके लिए प्रति पंचायतों के लिए 3.70 लाख रुपये का बजट तय किया गया था। अभी 122 पंचायतों में सामुदायिक शौचालयों का निर्माण हो ही रहा है। इसे जल्द से जल्द पूरा किए जाने के निर्देश दिए गए हैं।
स्वच्छ शौचालय के लिए हर साल परिवारों की स्थितियों के आधार पर लक्ष्य का निर्धारण तय होता है। अब प्रशिक्षण में योजना के संचालन की कार्य योजना तैयार होगी। अभय प्रताप रमन, जिला समन्वयक, स्वच्छ भारत मिशन