हलधरमऊ। ग्राम पंचायतों में विकास कार्यों की रूपरेखा बनाने के लिए तय रोस्टर के अनुसार सोमवार को 10 गांवों में खुली बैठकें होनी थीं, लेकिन एक भी पंचायत में बैठक नहीं हो सकी।
जिला मुख्यालय से चकसेनिया, सेल्हरी, कस्तूरी, खिंदूरी, उमरिया, हड़ियागाड़ा, हरसिंहपुर, छतौरा, नगवाकला और मनकापुर में सोमवार की तिथि नियत की गई थी। हड़ियागाड़ा निवासी अनुपम सिंह ने कहा कि ब्लॉक प्रशासन की मिलीभगत से बैठक नहीं कराई गई, जिससे विकास कार्यों की पारदर्शिता प्रभावित हो रही है। नगवाकला के तरुन तिवारी, भोला कुमार और अनंतराम ने बताया कि हर साल ग्राम पंचायतों में जनभागीदारी सुनिश्चित करने के लिए खुली बैठक कराने का निर्देश होता है, लेकिन जिम्मेदारों की लापरवाही और मनमानी के कारण इस बार भी यह प्रक्रिया पूरी नहीं हुई। ग्राम पंचायत सचिवों ने बीमारी, प्रशिक्षण या अन्य कार्यों में व्यस्तता का कारण बताया। सेल्हरी के सचिव हिम्मत सिंह मौर्य ने दावा किया कि बैठक हुई थी, लेकिन कोई तस्वीर उपलब्ध नहीं है। खंड विकास अधिकारी देव नायक सिंह ने कहा कि वे ब्लॉक में नहीं थे और संबंधित से जानकारी करेंगे। (संवाद)