बहु प्रतीक्षित मेमू की राह में दुश्वारियां कम होने का नाम नहीं ले रही हैं। विद्युतीकरण के अलावा अब मेमू के संचालन में डिब्बे का संकट भी रोड़ा बना हुआ है। इसके विकल्प के रूप में रेलवे अब डेमू चलाने की तैयारी कर रहा है। इसके अलावा गोंडा स्टेशन पर दो नए प्लेटफॉर्म, मिश्रौलिया रेलवे क्रॉसिंग पर ओवरब्रिज व प्लेटफॉर्म नंबर तीन पर टिन शेड निर्माण की कवायद भी शुरू होने जा रही है। इसकी पुष्टि रेलवे स्टेशन के वार्षिक निरीक्षण के दौरान पूर्वोत्तर रेलवे के महाप्रबंधक राजीव मिश्र ने शुक्रवार की देर शाम की।
शुक्रवार की शाम सीतापुर से गोंडा तक वार्षिक निरीक्षण के दौरान यहां पहुंचे पूर्वोत्तर रेलवे के महाप्रबंधक राजीव मिश्र ने पत्रकारों को बताया कि गोंडा-लखनऊ तक मेमू के संचालन में अभी समय लगेगा, कारण उत्तर रेलवे से मेमू ट्रेन की रैक (डिब्बा) नहीं मिल पा रहा है।
इसके विकल्प के रूप तब तक डेमू (डीजल इंजन वाली ट्रेन) चलाई जाएगी। उन्होंने रास्ते में पड़ रहे करनैलगंज, जरवल, बुढ़वल स्टेशनों का भी जायजा लिया। उन्होंने यहां वीआईपी कक्ष का लोकार्पण भी किया।
करनैलगंज में जीएम को रोकने के लिए काफी देर तक स्टेशन पर जमे जन संगठनों के सदस्यों ने हंगामा काटा। बताया गया कि करनैलगंज रेलवे स्टेशन पर विभिन्न सुविधाओं की मांग को लेकर सैकड़ों लोग स्टेशन पर जमे रहे। बताया गया कि जीएम पूर्वोत्तर रेलवे लखनऊ से गोरखपुर की ओर जा रहे हैं।
लोग जीएम के रुकने तथा निरीक्षण करने की सूचना पर रुक कर उन्हें ज्ञापन देने की कवायद में लगे रहे। कुछ लोग ट्रैक पर पहुंच गए और ट्रेन रोकने का प्रयास करने लगे। उधर, स्टेशन मास्टर द्वारा बताया गया कि जीएम साहब तक बात पहुंचा दी गई है। वह रुकेंगे। केवल
पांच लोग अपनी बात कहने के लिए जाएंगे। सभी लोग स्टेशन पर आ गए। ट्रैक खाली होते ही जीएम स्पेशल चली गई और इस पर लोगों ने हंगामा कर दिया।