उर्दू मोअल्लिम शिक्षक पद के लिए शुक्रवार को बीएसए कार्यालय पर काउंसलिंग कराने आए मोअल्लिम डिग्रीधारकों ने मेरिट सूची में गड़बड़ी का आरोप लगाते हुए बीएसए दफ्तर पर जमकर हंगामा किया। इसके चलते दोपहर करीब 12 बजे तक काउंसलिंग प्रक्रिया बाधित रही। सूचना पर दफ्तर पहुंचे प्रभारी बीएसए ने हंगामा कर रहे इन अभ्यर्थियों को समझा कर शांत कराया और काउंसलिंग प्रक्रिया बहाल कराई।
शुक्रवार को बेसिक शिक्षा अधिकारी कार्यालय पर उर्दू मोअल्लिम शिक्षक के 128 पदों पर काउंसलिंग के लिए उर्दू बीटीसी, सामान्य बीटीसी व मोअल्लिम डिग्रीधारकों को बुलाया गया था।
इसके लिए मेरिट लिस्ट दीवार पर चस्पा की गई थी। इस मेरिट लिस्ट में सामान्य वर्ग के बीटीसी अभ्यर्थियों का नाम देखकर काउंसलिंग कराने आए मोअल्लिम डिग्रीधारक भड़क गए। इन अभ्यर्थियों ने बताया कि उच्च न्यायालय के आदेश के मुताबिक इस भर्ती में 11 अगस्त 1997 के पूर्व तक मोअल्लिम की डिग्री हासिल करने वाले अभ्यर्थियों का चयन किया जाना है, लेकिन यहां पर बीटीसी करने वाले सामान्य वर्ग के अभ्यर्थियों की भी काउंसलिंग करायी जा रही है।
इसके साथ ही 1997 के बाद मोअल्लिम डिग्री लेने वाले लोगों को भी काउंसलिंग में शामिल किया गया है। इन अभ्यर्थियों का आरोप है कि मेरिट सूची में ऐसे लोग भी शामिल हैं, जिन्होंने महज दस वर्ष की उम्र में मोअल्लिम की डिग्री हासिल कर ली।
बीएसए दफ्तर पर काउंसलिंग कराने आयी महिला अभ्यर्थी हुश्नबानो ने बताया कि उन्होंने 1996 में मोअल्लिम की परीक्षा पास की थी।
इसके बाद उन्होंने 2014 में बीटीसी की परीक्षा भी पास की, लेकिन बीटीसी सामान्य अभ्यर्थियों को शामिल किये जाने के चलते उनका नाम मेरिट सूची में नहीं आ सका।
इन्हीं कमियों को लेकर भड़के मोअल्लिम डिग्रीधारकों ने बीएसए दफ्तर पर जमकर हंगामा किया। हंगामे की सूचना पर कार्यालय पहुंचे प्रभारी बीएसए अवधेश कुमार राय ने समझा कर अभ्यर्थियों को शांत कराया और आश्वासन दिया कि गलत ढंग से मेरिट सूची में शामिल लोगों का नाम अभिलेखों की जांच के बाद हटाया जाएगा।
बीएसए के आश्वासन के बाद अभ्यर्थी शांत हुए। इसके बाद काउंसलिंग प्रक्रिया बहाल हो सकी। प्रभारी बीएसए ने बताया कि उर्दू मोअल्लिम शिक्षक भर्ती के लिए जो दिशा निर्देश उन्हें शासन से मिला है, उसी के अनुसार अभ्यर्थियों की काउंसलिंग करायी जा रही है।