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सियासत में रिश्ते तार- तार, विधायक ने भाई के सामने पत्नी को उतारा

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गोंडा। पंचायत चुनाव की सियासत में आपसी रिश्ते नाते भी ताक पर नजर आ रहे हैं। ब्लाक प्रमुख की कुर्सी हथियाने के दांवपेंच में हलधरमऊ में बीडीसी के पद पर क्षेत्रीय विधायक (बावन सिंह) ने अपने छोटे भाई (तिरपन सिंह) के खिलाफ पत्नी को ही चुनाव मैदान में उतार दिया।
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देवर भाभी के बीच होने वाले इस मुकाबले ने चुनावी जंग को रोचक बना दिया है। वहीं मतदाताओं के लिए भी यह परेशानी खड़ी हो गयी है कि वह विधायक के भाई के पक्ष में मतदान करें या फिर विधायक की पत्नी को जिताने में जुटे।
पंचायत चुनाव के समर में छोटों के साथ ही सियासत के महारथी भी रिश्तों को ताक पर रख कर चुनावी समर जीतने के दांव पेच अजमाने में जुटे हैं। हलधरमऊ ब्लाक क्षेत्र में कोचा कासिमपुर क्षेत्र पंचायत सदस्य सीट से भाजपा के कटरा बाजार विधायक बावन सिंह के भाई विजय प्रताप सिंह उर्फ तिरपन सिंह ने नामांकन किया था।
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इसकी भनक विधायक बावन सिंह को लगने के बाद उन्होंने अपने छोटे भाई (देवर) से मुकाबले को पत्नी गीता सिंह (भाभी) का पर्चा दाखिल कर देवर-भाभी को चुनावी मुकाबले में आमने सामने ला खड़ा किया। अब 11 अप्रैल को होने वाली नाम वापसी के बाद ही स्थिति साफ होगी कि बीडीसी सीट का मुकाबला विधायक परिवार के दो लोगों के बीच होगा अथवा इन दोनों में से कोई एक चुनाव मैदान से हटने को राजी होगा।
विधायक परिवार से करीबी संबंध रखने वाले क्षेत्र के प्रभावशील लोग अब इन दोनों को समझा बुझा कर किसी एक को पर्चा वापस लेने के लिए मनाने में जुटे हैं ताकि समर्थकों की सांसत खत्म हो सके। जानकारों की माने तो यह पूरा सियासी संग्राम ब्लाक प्रमुख की कुर्सी हथियाने को अभी से बैठायी जा रही सोची समझी गणित के तहत हो रहा है।
जिला पंचायत चुनाव की सियासत भी नामांकन के साथ गर्माने लगी है। भाजपा की ओर से टिकट बंटवारे में कैसरगंज सांसद बृजभूषण शरण सिंह की अनदेखी किए जाने के बाद सपा नेता व पूर्व मंत्री विनोद कुमार सिंह उर्फ पंडित सिंह ने चुनावी दांव खेल अपने भाई नरेंद्र सिंह का नामांकन हलधरमऊ चतुर्थ से करा दिया है।
यहां दो प्रत्याशी पहले से ही मैदान में थे। फिलहाल पूर्व मंत्री के भाई के मैदान में आने से चुनावी तस्वीर बदलती नजर आने लगी है। इससे सपा आगे चल कर जिला पंचायत अध्यक्ष की कुर्सी हथियाने का खेल भी कर सकती है।
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