गोंडा। यूपी कोऑपरेटिव बैंक बड़गांव के पूर्व शाखा प्रबंधक व एक अन्य पर 33.44 लाख रुपये का ऋण स्वीकृत कराकर रकम निकालने के मामले में नगर कोतवाली में एफआईआर दर्ज की गई है। पीड़ित को जब ऋण की वसूली का नोटिस मिला तो उसे मामले की जानकारी हुई। इसके बाद पीड़ित ने न्यायालय की शरण ली।
न्यायालय के आदेश पर दर्ज हुई रिपोर्ट में धानेपुर के उत्तरी शुकुलपुरवा निवासी श्रवण कुमार शुक्ल ने बताया कि उनकी आर्थिक स्थिति खराब थी। इस बीच राघवराम उर्फ रग्घू निवासी बहलोलपुर देहात कोतवाली से उनकी मुलाकात हुई। राघवराम ने बताया कि जमीन के कागजात ले आओ, लोन करा देंगे। श्रवण ने कहा कि उनके नाम पर कोई जमीन नहीं है। तब आरोपी ने बताया कि जमीन के दस्तावेज व बैनामा के कागजात की व्यवस्था वह करा देगा। साथ ही आईटीआर भी बनवा देगा। इसके लिए श्रवण ने आधार कार्ड, पैन कार्ड की छायाप्रति व फोटो राघवराम को दे दिया। इसके बाद आरोपी ने उसे कोऑपरेटिव सहकारी बैंक बड़गांव के शाखा प्रबंधक पवन कुमार पाल से मिलवाकर कागजात दिला दिए। बताया गया कि लोन पास हो जाएगा। चार दिन बाद श्रवण बैंक गए तो बताया गया कि सामान्य वर्ग के लोगों के लिए अभी लोन की प्रक्रिया बंद है। इसके बाद वह लौट गए। 15 अक्तूबर 2025 को 33,44,160 रुपये ब्याज समेत ऋण की रकम वसूली का नोटिस उन्हें बैंक की ओर से भेजा गया। यह देख उनके होश उड़ गए। वह शाखा प्रबंधक से मिले और कहा कि जब लोन ही नहीं हुआ तो यह नोटिस क्यों भेजा गया। इस पर शाखा प्रबंधक ने अभद्रता करते हुए भगा दिया। नगर कोतवाल बिंदेश्वरी मणि त्रिपाठी ने बताया कि बैंक के पूर्व शाखा प्रबंधक पवन कुमार पाल व राघवराम उर्फ रग्घू के खिलाफ धोखाधड़ी समेत विभिन्न धाराओं में केस दर्ज किया गया है।
21.47 करोड़ के घोटाले में हो चुकी गिरफ्तारी
गोंडा। उत्तर प्रदेश कोऑपरेटिव बैंक लिमिटेड की गोंडा शाखा में 21 करोड़ 47 लाख 78 हजार रुपये के घोटाले में आरोपी व पूर्व शाखा प्रबंधक पवन कुमार पाल निवासी कृष्णानगर काॅलोनी, नाका जनौरा, अयोध्या की गिरफ्तारी हो चुकी है। 12 जनवरी को नगर कोतवाली में इस मामले में तीन तत्कालीन शाखा प्रबंधक समेत 16 लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई गई थी। स्पेशल ऑडिट और आंतरिक जांच रिपोर्ट में यह घोटाला उजागर हुआ था।