फोटो- 7- गोंडा के कलेक्ट्रेट में शिक्षक भर्ती की मांग का ज्ञापन समझते प्रशिक्षु युवा
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गोंडा। बेसिक शिक्षा में एक रिपोर्ट के अनुसार दो लाख से अधिक पद रिक्त हैं। शासन ने 97 हजार शिक्षक पदों पर नियुक्ति का ऐलान किया था, लेकिन 17 हजार पदों पर ही भर्ती की प्रक्रिया करने की तैयारी हो रही है। इससे खफा प्रशिक्षु युवाओं ने आंदोलन का ऐलान किया है। युवाओं का कहना है कि रिक्त पदों पर भर्ती करनी चाहिए। जिससे उन्हें रोजगार मिल सके। युवाओं ने गांधी पार्क से जुलूस निकाल कर कलेक्ट्रेट में प्रशासनिक अधिकारी मोहम्मद नईम को ज्ञापन सौंपा। मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन में मांग किया है कि भर्ती पूरी की जाए। 97 हजार पद से कम पर भर्ती करना युवाओं के साथ छलावा होगा।
बेसिक शिक्षकों की भर्ती में हर बार तय पदों से कम पर ही भर्ती होती है। शिव प्रकाश कहते हैं कि जब स्कूलों में दो लाख से अधिक पद रिक्त हैं तो हमें बेरोजगार क्यों रखा जाता है। जय किशन कहते हैं कि पहले प्रशिक्षण पूरा करने के बाद सीधे नियुक्ति हो जाती थी। अब प्रशिक्षण करने के बाद उसकी परीक्षा और फिर टीईटी पास करने के बाद भर्ती परीक्षा होती है। इसके बाद भी रिक्त पदों पर भर्ती क्यों नहीं होती है। उसे रिक्त ही क्यों रखा जाता है, इससे युवाओं को नौकरी नहीं मिल पा रही है। अमित, अंकित, गोरक्षनाथ शुक्ल, प्रीति, साधना आदि ने कहा कि भर्ती पूरी की जाए। 97 हजार पदों से कम पर भर्ती मंजूर नहीं है। बताया कि सरकार को विभाग के अधिकारी गुमराह करते हैं, जब टीईटी पास लाखों युवा बेरोजगार हैं और पद रिक्त हैं तो नौकरी देने में क्या दिक्कत है। अधिकारी गलत तर्क पेश करके पूरी भर्ती होने नहीं दे रहे हैं। युवाओं ने ज्ञापन देकर मुख्यमंत्री को उनके साथ न्याय करने की मांग किया।
पद रिक्त होने से हो रहा है दोहरा नुकसान
बेसिक स्कूलों में पद रिक्त होने से लोगों को दोहरा नुकसान हो रहा है। एक तो लाखों बच्चों को अच्छी शिक्षा नहीं मिल पाती है, ऊपर से युवाओं को रोजगार नहीं मिल पा रहा है। गोरक्ष नाथ शुक्ल कहते हैं कि स्कूलों में जो भी भर्तियां हुईं उसे पूरी नहीं की गई हैं। हर बार जो भर्ती निकाली है उससे कम पर भर्ती हुई है। स्कूलों में शिक्षकों की कमी है और इसका असर स्कूलों में पढ़ाई पर पड़ रहा है। कहा कि सरकार को रिक्त पदों के सापेक्ष भर्ती करनी चाहिए। जयकिशन कहते हैं कि हर साल शिक्षक रिटायर भी हो रहे हैं। ऐसे में रिक्त पदों पर भर्ती की जानी चाहिए, जिससे पढ़ाई प्रभावित न होने पाए।