गोंडा। सुभागपुर रेलवे ओवरब्रिज (आरओबी) निर्माण परियोजना को केंद्र सरकार से मंजूरी मिल गई है। केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने सुभागपुर रेलवे क्रॉसिंग (समपार संख्या-158) पर प्रस्तावित आरओबी की डीपीआर तैयार कराने और निर्माण प्रस्ताव को वर्ष 2026-27 की वार्षिक कार्ययोजना में शामिल करने पर सहमति जताई है। इससे मुख्यालय से इटियाथोक, बलरामपुर और नेपाल सीमा तक आवागमन करने वाले करीब 60 हजार लोगों का आवागमन सुगम होगा।
सुभागपुर रेलवे क्रॉसिंग जिले की सबसे व्यस्त रेलवे क्रॉसिंगों में से एक मानी जाती है। गोंडा-बलरामपुर मार्ग पर स्थित यह क्रॉसिंग प्रतिदिन लगभग 48 से 50 बार बंद होती है। रेलवे फाटक बंद रहने के कारण दोनों ओर वाहनों की लंबी कतार लग जाती है और यात्रियों को कई-कई मिनट तक इंतजार करना पड़ता है। इससे न केवल समय की बर्बादी होती है, बल्कि व्यापारिक गतिविधियां और आपातकालीन सेवाएं भी प्रभावित होती हैं।
केंद्रीय राज्यमंत्री एवं सांसद कीर्तिवर्धन सिंह ने क्षेत्रीय जनता की इस समस्या को गंभीरता से लेते हुए केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय को आरओबी निर्माण का प्रस्ताव भेजा था। लगातार पैरवी के बाद अब स्वीकृति मिली है। साथ ही डीपीआर तैयार करने और आगे की प्रशासनिक एवं तकनीकी प्रक्रिया का रास्ता साफ हो गया है।
विदेश राज्यमंत्री के प्रतिनिधि कमलेश पांडेय ने बताया कि आरओबी बनने से इटियाथोक, पड़रीकृपाल और रुपईडीह ब्लॉक क्षेत्र के ग्रामीणों के साथ ही बलरामपुर, तुलसीपुर, बढ़नी और नेपाल सीमा से जुड़े क्षेत्रों के यात्रियों को निर्बाध आवागमन की सुविधा मुहैया हो सकेगी।
गोंडा-बलरामपुर मार्ग पर भी यातायात का दबाव कम होने से सड़क सुरक्षा में भी सुधार आएगा। व्यापारी राहुल शुक्ल ने कहा कि रेलवे फाटक पर रोजाना लगने वाले जाम से लोगों को भारी परेशानी होती है। आरओबी बनने से समय की बचत होगी। व्यापारियों को भी लाभ मिलेगा।