समाजवादी पार्टी ने लंबी कवायद के बाद चार सीटों पर प्रत्याशी तय कर दिया है। पार्टी ने मेहनौन से इस बार पूर्व विधायक नंदिता शुक्ला को फिर उम्मीदवार बनाया है। वह अपने बेटे राहुल शुक्ला के लिए टिकट मांग रहीं थीं। साल 2017 में सपा से राहुल ही चुनाव लड़े थे। पार्टी ने पूर्व विधायक नंदिता शुक्ला को टिकट दिया और उनके बेटे राहुल को क्षेत्र में जुटने को कहा। इसके अलावा तीन सीटों पर भी प्रत्याशी तय कर दिया है।
मेहनौन से पूर्व विधायक नंदिता शुक्ला सपा में साल 2004 में आईं थीं। साल 2004 के लोकसभा चुनाव में भाजपा प्रत्याशी रहे पूर्व राजस्व मंत्री व मौजूदा विधायक स्व. घनश्याम शुक्ल का एक हादसे में निधन हो गया था। उसके बाद हुए उप चुनाव में नंदिता शुक्ला सपा से चुनाव लड़ीं और जीतीं। साल 2007 व 2012 में भी वह सपा से विधायक रहीं। साल 2017 में उन्होंने अपने बेटे राहुल शुक्ला को सपा से टिकट दिलाया लेकिन भाजपा लहर में वह जीत न सके। इस बार भी वह सपा से राहुल के लिए ही टिकट मांग रहीं थीं। सपा ने उन्हें टिकट दिया और बेटे को क्षेत्रों में प्रचार की जिम्मेदारी सौंपी है।
वहीं तरबगंज से रामभजन चौबे को टिकट दिया है। वह साल 2012 में बसपा से तरबगंज से लड़े थे। साल 2017 में तरबगंज से सपा प्रत्याशी पूर्व मंत्री विनोद कुमार सिंह उर्फ पंडित सिंह चुनाव मैदान में आए तो उन्होंने बसपा छोड़कर उनकी मदद की। इसका ईनाम उन्हें इस बार टिकट देकर सपा ने दिया। इसी तरह गौरा से युवा नेता संजय विद्यार्थी को टिकट मिला है। वह सपा मुखिया के करीबी हैं, सपा के लिए जुटे रहे। अब उन्हें टिकट मिला। इसके अलावा बसपा से सपा में आए रमेश गौतम को भी टिकट दिया है। मेहनौन से उम्मीदवार बनीं नंदिता शुक्ला ने फार्म ‘ए’ व ‘बी’ मिलने की पुष्टि की है।