गोंडा। वसंत पंचमी का पर्व जिले में श्रद्धा और उल्लास के साथ मनाया गया। शनिवार को कई शिक्षण संस्थानों, मंदिरों व घरों में मां सरस्वती का पूजन कर ऋतुरात वसंत का स्वागत किया गया। स्कूलों में विधिविधान से मां सरस्वती का हवन-पूजन किया गया। शनिवार को मुंडन, गृह प्रवेश, विदाई व विद्यारंभ संस्कार जैसे कार्यक्रमों की धूम रही। शैक्षिक संस्थाओं में भी बच्चों में सरस्वती पूजा को लेकर खासा उत्साह देखा गया। जगह-जगह लोगों ने मां शारदे की प्रतिमा स्थापित कर धूमधाम से पूजा-अर्चना की।
वसंत पंचमी को हिंदू पंचांग के अनुसार सबसे शुभ दिन माना गया है। पंचांग के अनुसार चार ऋतु में सबसे श्रेष्ठ ऋतु वसंत ऋतु को माना गया है। सरस्वती शिशु विद्या मंदिर इंटर कॉलेज में विधिविधान से हवन-पूजन का कार्यक्रम आयोजित किया गया। प्रधानाचार्य काली प्रसाद मिश्र ने कहा कि माघ माह के शुक्ल पक्ष की पंचमी तिथि के दिन वसंत पंचमी का त्योहार मनाया जाता है। इस दिन से ऋतुराज वसंत की शुरुआत हो जाती है।
वसंत पंचमी के दिन माता सरस्वती की पूजा-अर्चना की जाती है। ऐसी मान्यता है कि इस दिन ज्ञान की देवी मां सरस्वती का प्राकट्य हुआ था। वसंत पंचमी के दिन ब्रह्मा जी ने मां सरस्वती का सृजन किया था। यही वजह है कि इस दिन सभी सनातन अनुयायी, मां सरस्वती की पूजा-अर्चना करते हैं। कार्यक्रम में अध्यक्ष वीरेश्वर चौधुरी, पुष्पा मिश्रा व देव प्रकाश मिश्र आदि मौजूद रहे।
वहीं पीपल चौराहा स्थित दीया प्ले स्कूल मालवीय नगर में सरस्वती पूजन व यज्ञ का आयोजन किया गया जिसमें प्रमुख रूप से रेड क्रॉस के उपाध्यक्ष जसपाल सिंह सलूजा, फौजदारी बार एसोसिएशन के महामंत्री अजय विक्रम सिंह, जिला बार एसोसिएशन के वरिष्ठ उपाध्यक्ष गौरीशंकर चतुर्वेदी, योग प्रचारक आदर्श मिश्र, प्रशांत श्रीवास्तव, दीपक मराठा व रामचंद्र गुप्त आदि मौजूद रहे।